मध्य प्रदेश का गिरोह शादियों में हाथ साफ कर रहा था। चाचा अपने नाबालिग भतीजे को साथ रखता था। भतीजा वेटर बनकर शादी में शामिल होता था। कार्य करते समय दूल्हा और दुल्हन के परिजन के पास रखे जेवरात के बैग की रेकी करता था। चाचा सूट-बूट पहनकर आता था। नाचते-गाते हुए बरात में शामिल होता था। माैका मिलते ही लाखों के गहने लेकर दोनों फरार हो जाते थे। सीसीटीवी फुटेज की मदद से सिकंदरा पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और दानों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे 2.59 लाख रुपये, लिफाफे व अन्य सामान बरामद किया।
एसीपी हरीपर्वत आदित्य कुमार ने बताया कि मंगलवार को थाना सिकंदरा में दो पीड़ितों ने मुकदमा दर्ज कराया था। शाहगंज निवासी पवन कुमार की बेटी दीप्ति की सोमवार की रात मधु रिसाॅर्ट में शादी थी। शादी में वरमाला के समय बैग चोरी कर लिया गया। उसके अंदर 2.50 लाख रुपये और मोबाइल रखा था।
दयालबाग निवासी दिनेश श्रीवास्तव की बेटी की एक मार्च को शादी थी। उनकी पत्नी का बैग चोरी हो गया। उसके अंदर भी 2.50 लाख रुपये, आईफोन और गहने रखे थे। पुलिस टीम ने दोनों घटना स्थलों पर जाकर सीसीटीवी फुटेज चेक किए। उसमें सूट-बूट पहनकर नाबालिग सहित एक आरोपी दिखा। फुटेज की मदद से पहचान कर मध्यप्रदेश के जिला रायगढ़ के थाना बोड़ा क्षेत्र के गांव गुलखेड़ी निवासी प्रशांत और उसके भतीजे को गिरफ्तार किया। उनके साथ बंटी की तलाश की जा रही है।
स्टेशन पर बनाते थे ठीकाना, काम होते हो जाते रवाना
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शादियों के सीजन में चोरी करने अलग-अलग शहरों में भतीजे व अन्य साथियों के साथ जाता है। स्टेशन पर अपना ठिकाना बनाते हैं। दिन में ऑटो से वेटर की नौकरी ढूंढने के बहाने मैरिज होम में रेकी करते थे। रात को स्टेशन से शूट-बूट पहनकर बराती बन शादियों में पहुंच जाते। भतीजा शादी में गहने व रुपयों वाले बैग की रैकी करता। वह दूर से नजर रखते थे। वरमाला और फेरे पर अधिकतर लोग व्यस्त हो जाते हैं। उसी समय मौका देखकर भतीजा बैग लेकर फरार हो जाता। स्टेशन से ट्रेन पकड़कर सीधे घर निकल जाते थे।