फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: बराती तो कभी बन जाते हैं वेटर...चाचा-भतीजे की जोड़ी के ऐसे हैं कारनामे, जानकर पुलिस का भी माथा ठनका गया

Thu, 06 Mar 2025 09:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

मध्य प्रदेश के रहने वाले चाचा और भतीजे की जोड़ी के कारनामे सुनकर हैरान रह जाएंगे। ये शादियों में कभी वेटर तो कभी बराती बनकर एंट्री करते थे। इसके बाद मौका मिलते ही लाखों के माल पर हाथ साफ कर देते थे। 
 
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो - फोटो : freepic
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश का गिरोह शादियों में हाथ साफ कर रहा था। चाचा अपने नाबालिग भतीजे को साथ रखता था। भतीजा वेटर बनकर शादी में शामिल होता था। कार्य करते समय दूल्हा और दुल्हन के परिजन के पास रखे जेवरात के बैग की रेकी करता था। चाचा सूट-बूट पहनकर आता था। नाचते-गाते हुए बरात में शामिल होता था। माैका मिलते ही लाखों के गहने लेकर दोनों फरार हो जाते थे। सीसीटीवी फुटेज की मदद से सिकंदरा पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और दानों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे 2.59 लाख रुपये, लिफाफे व अन्य सामान बरामद किया।
विज्ञापन


 

एसीपी हरीपर्वत आदित्य कुमार ने बताया कि मंगलवार को थाना सिकंदरा में दो पीड़ितों ने मुकदमा दर्ज कराया था। शाहगंज निवासी पवन कुमार की बेटी दीप्ति की सोमवार की रात मधु रिसाॅर्ट में शादी थी। शादी में वरमाला के समय बैग चोरी कर लिया गया। उसके अंदर 2.50 लाख रुपये और मोबाइल रखा था।
 

दयालबाग निवासी दिनेश श्रीवास्तव की बेटी की एक मार्च को शादी थी। उनकी पत्नी का बैग चोरी हो गया। उसके अंदर भी 2.50 लाख रुपये, आईफोन और गहने रखे थे। पुलिस टीम ने दोनों घटना स्थलों पर जाकर सीसीटीवी फुटेज चेक किए। उसमें सूट-बूट पहनकर नाबालिग सहित एक आरोपी दिखा। फुटेज की मदद से पहचान कर मध्यप्रदेश के जिला रायगढ़ के थाना बोड़ा क्षेत्र के गांव गुलखेड़ी निवासी प्रशांत और उसके भतीजे को गिरफ्तार किया। उनके साथ बंटी की तलाश की जा रही है।

 
विज्ञापन

स्टेशन पर बनाते थे ठीकाना, काम होते हो जाते रवाना
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शादियों के सीजन में चोरी करने अलग-अलग शहरों में भतीजे व अन्य साथियों के साथ जाता है। स्टेशन पर अपना ठिकाना बनाते हैं। दिन में ऑटो से वेटर की नौकरी ढूंढने के बहाने मैरिज होम में रेकी करते थे। रात को स्टेशन से शूट-बूट पहनकर बराती बन शादियों में पहुंच जाते। भतीजा शादी में गहने व रुपयों वाले बैग की रैकी करता। वह दूर से नजर रखते थे। वरमाला और फेरे पर अधिकतर लोग व्यस्त हो जाते हैं। उसी समय मौका देखकर भतीजा बैग लेकर फरार हो जाता। स्टेशन से ट्रेन पकड़कर सीधे घर निकल जाते थे।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें