सिकंदरा में ऑडियो गाइड की सेवा। फोटो :एआई
आगरा। अकबर के मकबरे सिकंदरा का इतिहास ऑडियो से सुनने के लिए पर्यटकों को इंतजार करना पड़ेगा। ऑडियो गाइड की सुविधा शुरू होने से पहले इसकी स्क्रिप्ट पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने आपत्ति जताई है। अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता कुमार ने स्क्रिप्ट की कमियों को सुधारने के लिए कई बिंदुओं को उठाया है। सिकंदरा के साथ ताजमहल में भी ऑडियो गाइड की सुविधा पहले चरण में शुरू होनी है। इसकी स्क्रिप्ट एएसआई को अभी प्राप्त नहीं हुई है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पायलट प्रोजेक्ट में ताजमहल और सिकंदरा स्मारकों का चयन किया है। शुरुआत में यह सुविधा केवल अंग्रेजी भाषा में होगी। प्रोजेक्ट सफल रहने पर इसे आगरा किला और फतेहपुर सीकरी पर लागू किया जाएगा। सिकंदरा का इतिहास बताने के लिए ऑडियो गाइड की स्क्रिप्ट आगरा सर्किल कार्यालय ने लौटा दी है। इसकी शुरुआत ही विवादों के साथ की गई है। स्मारक की वास्तुकला की जगह इतिहास के ऐसे पन्नों को बताया गया है, जो अब तक पर्यटकों से दूर रहे हैं। इन पर विवाद हो सकता है। इस पर डॉ. स्मिता कुमार ने कमियों को सुधारने के लिए स्क्रिप्ट को वापस भेज दिया है। ताजमहल की स्क्रिप्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिथा एस. कुमार ने बताया कि अंग्रेजी भाषा में ऑडियो गाइड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दोबारा स्क्रिप्ट मांगी गई है।
10 साल पहले फेल हो गया था प्रोजेक्ट
- 10 साल पहले ताजमहल और आगरा किला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ऑडियो गाइड की सुविधा शुरू की थी। तब यह सात भाषाओं में शुरू की गई थी। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने इस स्क्रिप्ट को तैयार किया था और इसमें तब रजा मुराद, कबीर बेदी आदि कलाकारों की आवाज में इतिहास बयां किया गया था। यह प्रोजेक्ट फेल हो गया था।