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बैलेट पर ठप्पे से लिखा भविष्य

Mon, 19 Oct 2015 02:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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 जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के तीसरे चरण के कुल 2210 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला रविवार को मतदाताओं ने सुरक्षित कर दिया है। अछनेरा में कुल 72 प्रतिशत, फतेहपुर सीकरी में 70 प्रतिशत, बिचपुरी ब्लाक में 63 प्रतिशत और बरौली अहीर में 63.5 प्रतिशत वोटिंग हुई।
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अछनेरा विकास खंड की 98 बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य की चार सीटों के लिए वोट डाले गए। यहां बूथों पर सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। फतेहपुर सीकरी के मंडी गुड़ मतदान केंद्र पर सर्वाधिक 82 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां तीन जिला पंचायत सदस्य और 81 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए वोट डाले गए। हालांकि कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नाम न होने पर लौटना पड़ा।
बिचपुरी ब्लाक की सबसे बड़ी पंचायत मिढ़ाकुर में 7688 में से 4361 वोट पडे़। नानपुर में 1100 में से 887 वोट, गांव सहारा में 3800 में से 1773 वोट और अंगूठी में 2900 में से 1946 वोट पडे़। बरौली अहीर में दोपहर एक बजे तक 42 प्रतिशत, दो बजे तक 58 प्रतिशत मतदान हुआ। शाम तीन बजे तक यहां 58 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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दिन में यह रही मतदान की स्थिति
ब्लाक    समय
    09 बजे    11 बजे    01 बजे    03 बजे    05 बजे     
बरौली अहीर    15.5    28    42    58    63.5 प्रतिशत
अछनेरा    15    25    42    52    72  प्रतिशत
बिचपुरी    14    28    44    53    63 प्रतिशत
फ. सीकरी    14.25    30    44    61    71 प्रतिशत

फर्जी वोट के लिए बहू बन गई युवती
अछनेरा। अछनेरा विकास खंड के एक मतदान केंद्र पर क्षेत्र पंचायत सदस्य के पक्ष में वोट डालने के लिए एक बेटी बहू बनकर पहुंच गई। बूथ संख्या 10 पर लंबा सा घूंघट खींचे जब यह ‘बहू’ पहुंची तो महिला पीठासीन अधिकारी ने पति का नाम पूछ लिया। इस पर वह सकपका गई। वह कोई भी जवाब न देकर चुप रह गई। इस पर पीठासीन अधिकारी ने घूंघट हटा दिया। मामला पकड़े जाने पर उन्होंने पर्ची फाड़ दी और दोबारा बूथ पर न आने की हिदायत देकर भगा दिया।

बगदा में 11 बजे तक नहीं पड़ा एक भी वोट
कुर्राचित्तरपुर। बमरौली अहीर के गांव बगदा में मंदिर विस्तार के विवाद को लेकर ग्रामीणों ने 11:15 बजे तक मतदान नहीं किया। उनका आरोप था कि तहसील प्रशासन ने एक प्रापर्टी डीलर से मिलकर 40 साल पुराने मंदिर का विस्तार नहीं होने दिया। इस मामले में छह लोगों के खिलाफ पहले से दर्ज मामले को निरस्त करने की मांग की। एसडीएम और तहसीलदार ने ग्रामीणों को एफआईआर निरस्त कराने का आश्वासन दिया। तब ही ग्रामीणों ने वोट डाले।
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