आगरा। पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया है। इससे इमरजेंसी में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, फूड पॉइजनिंग, टाइफाइड और पीलिया के मरीज एक सप्ताह में दोगुना हो गए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में आसपास के जिलों से गंभीर मरीजों को भेजा जा रहा है। इससे इमरजेंसी फुल चल रही है।
मरीजों की भीड़ को देखते हुए 24 घंटे के बजाय 10-15 घंटों में इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में 80 बेड हैं। इसमें मेडिसिन और बाल रोग के वार्ड में 20-20 बेड की व्यवस्था है। भीषण गर्मी और लू के साथ ही दोनों वार्ड में बुखार, उल्टी-दस्त, पेट में दर्द के भी मरीज आ रहे हैं। इनमें ऐसे मरीज अधिक हैं, जिनकी शुरुआती इलाज खुद या फिर झोलाछाप से कराने पर हालत खराब हो गई।
इमरजेंसी के मेडिसिन विभाग के डॉ. चंद्रप्रकाश गौतम ने बताया कि गर्मी के कारण डायरिया, ओवर ईटिंग या दूषित खानपान से फूड पॉइजनिंग के मरीज भी आ रहे हैं। पसीना अधिक निकलने से घबराहट, बीपी कम होने की समस्या लेकर भी मरीज बढ़े हैं।
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गंभीर हाल में दूसरे जिलों से आ रहे मरीज
मे़डिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, शिकोहाबाद, कासगंज, हाथरस, फर्रुखाबाद समेत आसपास के अन्य जिलों से भी मरीज भर्ती होने आ रहे हैं। इनमें अधिकांश की हालत गंभीर मिलती है। इनमें बच्चे और धूप-गर्मी में कार्य करने वाले लोग अधिक हैं।
इन बातों का रखें ध्यान:
जोड़ों में अकड़न, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, पसीना आना तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं
घर से बाहर निकलने से पहले नाश्ता करें, दो गिलास पानी पिएं, सूती कपड़े और शरीर ढककर रखें।
बाहर जाते वक्त चश्मा लगाएं, सिर को गमछे से ढकें या टोपी लगाएं। चप्पल के बजाय जूते पहनें।
तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा, अंगूर आदि रसदार फल खाएं। लस्सी, छाछ, नींबू पानी पिएं।