मैनपुरी। मीडिएशन सेंटर में शुक्रवार को पति-पत्नी दोनों के पक्ष सुनने के बाद मीडिएटर ने दंपति में समझौता करवा कर उन्हें साथ भेज दिया। दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
थाना बिछवां के गांव सुन्नामई निवासी रेनू की शादी 27 जुलाई 2005 को भूपेंद्र निवासी रामपुर घनश्यामपुर थाना कोतवाली देहात एटा के साथ हुई थी। शादी के बाद उसने चार बच्चों को जन्म दिया। दहेज की मांग को लेकर ससुराल के लोगों ने उसका उत्पीडन शुरू कर दिया। रेनू के पिता अजय सिंह ने पंचायत की लेकिन ससुराल के लोग नहीं माने। 10 अक्तूबर 2018 को ससुराल के लोगों ने मारपीट करके रेनू को घर से निकाल दिया।
रेनू ने पारिवारिक न्यायालय में मुकदमा दायर किया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय ने समझौते के लिए मुकदमे को मीडिएशन सेंटर में भेज दिया। वहां विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने चंद्रभान सिंह यादव को समझौता कराने के लिए मीडिएटर नामित किया। उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनकर उनके बीच समझौता करा दिया। समझौते के बाद मीडिएटर चंद्रभान सिंह यादव ने दंपती को समझौते की शर्तों का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया गया।