आगरा। बिजलीघर स्थित चक्कीपाट, बुद्धविहार पर कांशीराम साहब जयंती एवं जनकल्याण समिति और केंद्रीय भीमनगरी आयोजन समिति की ओर से भारत रत्न डॉ. आंबेडकर के 69वें परिनिर्वाण दिवस पर अस्थि कलश के दर्शन कर श्रद्धांजलि दी गई। शुभारंभ बुद्ध संघ ने बुद्ध वंदना, पंचशील पाठ एवं प्रभातफेरी निकालकर किया।
बौद्ध उपासिकाओं ने बाबा साहब एवं गौतम बुद्ध के गीत गाकर सबको भाव विभोर कर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता करतार सिंह भारतीय ने कहा कि बाबा साहब ने अपना संपूर्ण जीवन दबे, कुचले, उपेक्षित समाज के लोगों के अधिकार की लड़ाई लड़ने में लगा दिया। समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के मसीहा भारत रत्न बाबा साहब ने हमेशा गरीब, मजदूर, महिलाओं और पिछड़ों के सम्मान के हक में आवाज उठाई। समिति की ओर से महिला उपासिकाओं को शॉल देकर सम्मानित किया। अंत में भंडारा कर प्रसाद का वितरण किया गया।
संचालन ऋषि कुमार एवं श्याम जरारी ने किया। इस दौरान एससी, एसटी आयोग के सदस्य दिनेश भारत, राकेश भास्कर, देवेंद्र कुमार चिल्लू, राजेंद्र कर्दम, सुनील गौतम, दीपक कश्यप, राजू वर्मा, राकेश राज, मनोज कुमार केमकर, बाबू बच्चू सिंह, नरेंद्र सोनी, डॉ. सुधा, चौ. रामगोपाल, डाॅ. नारायण सिंह, पंकज मुकेश, प्रदीप, शेखर आदि मौजूद रहे। संवाद
डॉ. आंबेडकर अनुयायी एकता फाउंडेशन ने किया बाबा साहब को नमन
आगरा। बिजलीघर स्थित चक्कीपाट बुद्ध विहार पर डॉ. आंबेडकर अनुयायी एकता फाउंडेशन की ओर से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का 69वां महा परिनिर्वाण दिवस मनाया। शनिवार को बुद्ध रीति रिवाज से बाबा साहब के अस्थि कलश को बुद्ध विहार पर दर्शनों के लिए रखा गया। अनुयायियों ने आंबेडकर की प्रतिमा पर अगरबत्ती व कैंडल जलाकर उन्हें नमन किया। फाउंडेशन के अध्यक्ष आशीष प्रिंस ने कहा कि बाबा साहब ने शोषित और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए हमेशा संघर्ष किया। सचिव विवेक बौद्ध ने कहा कि बाबा साहब ने समाज की बेटियों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुकेश वरुण, भारत शर्मा, राहुल राज, सुधीर मानव, मनोज, ईशा, मुश्कान, भारती और सिद्धार्थ स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अस्थि कलश के दर्शन कर बाबा साहब को नमन किया। संवाद
चिकित्सा शिविर में 150 ने कराई जांच
आगरा। बिजलीघर स्थित बुद्धविहार पर डॉ. आंबेडकर बहुजन सभा ने परिनिर्वाण दिवस पर निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया। इसमें लगभग 150 से अधिक मरीजों ने अपनी जांच कराई। जिला अस्पताल से आए डॉ. क्षितिज ने मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं दीं। बहुजन सभा के अध्यक्ष अरुण सोनी ने बताया कि बाबा साहब ने हमेशा पीड़ित, गरीब मजदूर और महिलाओं के अधिकार की लड़ाई लड़ी। इस दौरान सुधीर मानव, एसबी दिनकर, जुगनू पिप्पल, मनीष कमल, राहुल बर्मन, सुनील सागर, विवेक बौद्ध, राजनारायण पिप्पल आदि मौजूद रहे। संवाद
रामलीला मैदान में कहा था- सम्मान न मिले तो छोड़ देना गांव
18 मार्च 1956 को आखिरी बार आगरा में शेड्यूल कास्ट फेडरेशन की जनसभा में डॉ. बीआर आंबेडकर शामिल हुए थे। उन्होंने इस दौरान गांव में सम्मान न मिलने पर अनुसूचित जाति के लोगों से आह्वान किया था कि अगर उन्हें सम्मान न मिले तो वह गांव छोड़ दें। सभा के दौरान उन्होंने अपनी तीन इच्छाओं का जिक्र करते हुए कहा था कि उनकी दो इच्छाएं तो पूरी हो गईं। तीसरी इच्छा ग्रामीण क्षेत्रों में अछूतों की सामाजिक हालत सुधारने की थी लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। बौद्ध विहार प्रबंध समिति के मंत्री चौधरी रामगोपाल ने कहा कि डॉ. आंबेडकर का लगाव आगरा से काफी रहा। पहले वह 1946 में सुभाष पार्क व दूसरी और अंतिम बार वह 18 मार्च 1956 को आए। दोनों ही बार डॉ. आंबेडकर की क्रांतिकारी विचारधारा ने यहां के दलितों में अलख जगाई। निधन के बाद डॉ. आंबेडकर के बेटे ने अस्थि कलश को आगरा की इस समिति को सौंप दिया।
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