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स्वाइन फ्लू है या वायरल: इन लक्षणों को पहचानने में न करें गलती, एसएन में लगी भीड़; जानिए क्या करें क्या नहीं

Tue, 08 Sep 2026 09:59 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

मौसम बदलने के साथ आगरा में वायरल फीवर के मरीज ढाई गुना तक बढ़ गए हैं और एसएन की ओपीडी में 70-80 फीसदी मरीज वायरल के पहुंच रहे हैं। कई मरीजों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिलने पर नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, हालांकि अब तक रिपोर्ट निगेटिव आई हैं।
 
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फ्लू आपोडी एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मौसम में हो रहे बदलाव के चलते वायरल फीवर के मरीज ढाई गुना तक बढ़ गए हैं। इससे एसएन में ओपीडी ठसाठस भर गई। इनमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिख रहे हैं। गले में खराश, जुकाम-खांसी और मांसपेशियों में दर्द हो रहा है। सांस फूलने वाले मरीजों में स्वाइन फ्लू की आशंका पर नमूनों की जांच भी कराई जा रही है।
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मेडिसिन विभाग के डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि ओपीडी में सोमवार को 805 मरीज आए। इसमें से वायरल फीवर के करीब 70-80 फीसदी रोगी रहे। इनमें तेज बुखार, जुकाम-खांसी, खराश, मांसपेशियों और गले में दर्द की परेशानी मिल रही है। कुछ मरीजों ने सांस उखड़ने सीने में जकड़न की भी शिकायत की है। इन्हें मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और हृदय से संबंधित बीमारी भी थी।

इन रोगियों में स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए नमूना लेकर जांच कराई जा रही है। राहत की बात है कि रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि ओपीडी में 179 बच्चे आए। इनमें 90 फीसदी पीलिया, वायरल फीवर, डायरिया के थे। गंभीर हालत पाए जाने पर इमरजेंसी में भी रोजाना 8 से 10 बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।
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फ्लू ओपीडी बनाई
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि वायरल फीवर के बढ़ते मरीजों को देखते हुए फ्लू ओपीडी भी बनाई गई है। इसके लिए मेडिसिन विभाग का कमरा नंबर 12-ए तय कर दिया है। इसमें वायरल फीवर समेत फ्लू के संदिग्ध मरीजों को देखा जा रहा है।

पांच साल तक के बच्चों को लगवाएं वैक्सीन
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि ओपीडी में बच्चों के वायरल फ्लू की परेशानी सबसे ज्यादा मिल रही है। इलाज में देरी या अधूरे कोर्स के कारण कई बच्चों की हालत अधिक खराब मिली। बुखार के 48 घंटे में बेहतर उपचार मिलने पर 3-5 दिन में ये ठीक हो रहे हैं। पांच साल तक के बच्चों के फ्लू की वैक्सीन जरूर लगवाएं।
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इन बातों का रखें ध्यान:
बुखार-खांसी होने पर एंटीबायोटिक दवा न लें।
गले में खराश-दर्द होने पर गुनगुना पानी पिएं, गरारे करें।
सीने में जकड़न पर सुबह-शाम सिर्फ गर्म पानी की ही भाप लें।
बुखार आने पर बच्चों को स्कूल न भेजें।
बच्चों को घर से ही पानी दें, स्कूलों की टंकी के पानी के सेवन से बचाएं।
दूषित और खुले में बिकने वाली सामग्री को खाने-पीने से बचें।
बुखार आने पर ठंडे के बजाय सामान्य पानी की पट्टी सिर पर रखें।

ओपीडी

4043: मरीज कुल आए

805: मेडिसिन विभाग

360: हड्डी रोग

330: त्वचा रोग

320: सांस रोग
 
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