आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में आरओ पानी सप्लाई को लेकर विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें एक युवक पर फरसा और लाठी-डंडों से हमला किया गया। पीड़ित ने जातिसूचक गालियों और गला घोंटकर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है, पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है और पुलिस जांच कर रही है।
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में आरओ पानी की सप्लाई को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दबंगों ने एक युवक पर धारदार हथियारों, फरसे और लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने जातिसूचक गालियां देते हुए उसका गला घोंटकर हत्या का प्रयास भी किया। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पांडव बिहार कॉलोनी, कालिंदी विहार निवासी अरविंद ने बताया कि वह 31 मई को ग्रीन क्लीन कॉलेज स्थित आरसीएलएम डिजिटल जॉन सेंटर पर पानी की सप्लाई देने गया था। कि पहले सेंटर पर यासीन उर्फ पप्पू के आरओ प्लांट का पानी जाता था। कुछ समय पहले सेंटर संचालक सुनील कुमार ने करन के आरओ प्लांट से पानी की सप्लाई शुरू करा दी थी। इसी बात को लेकर आरोपियों में नाराजगी थी।
पीड़ित का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते आमिर, इमरान, यासीन उर्फ पप्पू, जमील 7-8 अन्य लोग फरसे , लाठी डंडों के साथ एकत्र होकर मौके पर पहुंच गए। आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर हमला बोल दिया। मारपीट में अरविंद के सिर, गर्दन, हाथ-पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
आरोप है कि हमलावरों ने कपड़े का फंदा बनाकर गला घोंटने का प्रयास किया, जिससे उसकी जान पर बन आई। आरोप है कि हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग एकत्र होने लगे तो आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना पूरी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के बाद पुलिस ने घायल को उपचार के लिए भेजा। अभी भी हालात ठीक नहीं है।
एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि मामले में अनुसूचित जाति अधिनियम, जानलेवा हमला के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।