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कानून का उल्लंघन, राष्ट्रध्वज का अपमान

Tue, 26 Jan 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा
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देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिरूप है राष्ट्रध्वज। हमारे गौरव का प्रतीक है। इस तिरंगे की आन, बान और शान के लिए पिछले छह दशक में न जाने कितने वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। मगर, आम भारतीय राष्ट्रध्वज का सम्मान भी ठीक से नहीं कर पा रहे। स्थिति यह है कि भारतीय ध्वज संहिता के विरुद्ध प्लास्टिक व पॉलीथिन के झंडे बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे हैं। जबकि हाल ही में प्रदेश में पॉलीथिन के प्रयोग पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा चुका है। लोग पॉलीथिन और प्लास्टिक के झंडे प्रयोग कर न सिर्फ कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, राष्ट्रध्वज का भी अपमान कर रहे हैं।
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बता दें कि 21 जनवरी से प्रदेशभर में पॉलीथिन पूरी तरह से प्रतिबंध कर दी गई है। इसका किसी भी रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता। जबकि गणतंत्र दिवस के लिए शहर में पॉलीथिन से बने झंडे खूब बिक रहे हैं। राजामंडी, फव्वारा, कोतवाली, ताजगंज, शाहगंज, बोदला आदि क्षेत्रों में पॉलीथिन से बने झंडे खूब बिके। स्टेशनरी और विभिन्न चौराहों पर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। जबकि प्रदेश सरकार ने इसके खिलाफ कानून भी बना दिया है। इसके प्रयोग और बिक्री पर जुर्माने के साथ-साथ सजा का भी प्रावधान है। मगर, इससे बेखबर लोग पॉलीथिन से बने झंडे बेच रहे हैं।
ऐसा हो झंडा
भारतीय झंडा संहिता 2002 के अनुसार, राष्ट्रीय झंडा हाथ से काते गए और हाथ से बुने गए ऊनी/सूती/सिल्क खादी के कपड़े से बनाया गया हो। इसका आकार आयताकार हो। झंडे की लंबाई और ऊंचाई (चौड़ाई) का अनुपात 3:2 हो।
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 सस्ता है पॉलीथिन का झंडा
बाजार में पॉलीथिन के झंडे की मांग ऐसे ही नहीं बढ़ी है। सस्ता होने के कारण स्कूल के बच्चे और अभिभावक इन्हें ही खरीदते हैं। बाजार में प्लास्टिक का झंडे पांच रुपये प्रति नग और कपड़े का झंडा दस रुपये प्रति नग के हिसाब से है। ऐसे में दोगुने का अंतर होने के कारण लोग प्लास्टिक के झंडे की ओर ही हाथ आगे बढ़ाते हैं।

प्लास्टिक या पॉलीथिन का झंडे का प्रयोग करना कानून का तो उल्लंघन है ही, राष्ट्रध्वज का भी अपमान है। राष्ट्र ध्वज के खातिर शहरवासियों को पॉलीथिन का प्रयोग पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। साथ ही गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें संकल्प लेना चाहिए कि पॉलीथिन से बना झंडा तो दूर कैरी बैग भी न तो खुद प्रयोग करेंगे, दूसरों को भी इनका उपयोग करने से रोकेंगे।
- इंद्रविक्रम सिंह, नगर आयुक्त
तिरंगा बेचने पर धरे गए
नगर निगम ने चलाया पॉलीथिन के खिलाफ अभियान
पॉलीथिन के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान नगर निगम टीम ने कई दुकानों से पॉलीथिन के तिरंगे जब्त किए। कानून का उल्लंघन करने पर दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके अलावा नगर निगम ने नगर निगम ने अब तक की छापेमारी में सबसे ज्यादा मात्रा में पॉलीथिन जब्त की।
सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ कोतवाली क्षेत्र में अभियान के दौरान द्वारकेश ट्रेडर्स के यहां से पॉलीथिन से बने तिरंगे जब्त किए। इस पर उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसके अलावा लक्की कार्ड के यहां से सबसे ज्यादा पॉलीथिन जब्त की गई। यहां पर शादी के कार्डों की पॉलीथिन से पैकिंग की जा रही थी। इन पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दिनभर चले अभियान के दौरान निगम टीम ने 309 किलो पॉलीथिन जब्त की। जोकि 21 जनवरी से अब तक सबसे ज्यादा मात्रा में थी। तीन चालान काटे और लगभग दस हजार रुपये जुर्माना वसूला।
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