आगरा नगर निगम द्वारा 37 साल बाद सीमा विस्तार में नौ गांव को जोड़ने के प्रस्ताव के बाद इन गांवों में हलचल मच गई है। तोरा, कलाल खेड़िया, कहरई, चमरौली, रोहता, नैनाना जाट, बाबरपुर मुस्तकिल, दहतोरा, नगला अलबतिया को नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव पर कल नगर निगम में विशेष अधिवेशन में चर्चा होनी है।
उससे पहले दहतोरा के लोगों ने सीमा विस्तार का विरोध कर नगर निगम का पुतला फूंका। ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के सदस्यों ने शनिवार को दहतोरा में बैठक की, जिसके बाद लोगों के साथ शास्त्रीपुरम् मोड़ तक जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए नगर निगम का पुतला फूंका।
समिति संयोजक डा. सुनील राजपूत ने कहा कि ग्रामीणों की राय के बिना गांव को निगम सीमा में शामिल करना गलत है। समिति मेयर और नगर आयुक्त के सामने अपना विरोध जताएगी। नगर निगम का घेराव करने के लिए गाय-भैंसों के साथ जाएंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
विस्तार से पहले विकास का खाका खींचे निगम
समिति के पवन चौधरी, विष्णु मुखिया कहा कि सीमा विस्तार से पहले नगर निगम विकास का खाका खींचकर बताए। गांव में कितने विकास कार्य होंगे और कितना टैक्स वसूला जाएगा, इसकी जानकारी दी जाए। ग्रामीणों को विश्वास में लिए बिना सीमा विस्तार नहीं करने देंगे।
दौरेठा, अमरपुरा, कलवारी ने शामिल करने की मांग की
दहतोरा में विरोध के उलट दौरेठा, अमरपुरा और कलवारी गांव के लोगों ने नगर निगम क्षेत्र में शामिल करने की मांग की। शनिवार को अमरपुरा, दौरेठा और कलवारी गांव के लोगों का दल नगर निगम पहुंचा और नगर आयुक्त की गैर मौजूदगी में पत्र के जरिए शहरी सीमा में शामिल होने की मांग की।
इन तीनों गांव के लोगों के मुताबिक जिला पंचायत इन गांव मेंकोई काम नहीं कराता। शहरी सीमा से सटे होने और विकास के लिए नगर निगम सीमा में होना चाहिए। अलबतिया को शामिल करने के प्रस्ताव केसाथ इन तीनों गांव को भी शामिल करें, क्योंकि अलबतिया से यह तीनों ही सटे हुए हैं।