उत्तर प्रदेश के आगरा में मानवता की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। यहां एक बंदर की की मौत के बाद उसकी शव यात्रा निकालकर उसका अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाजों के साथ किया गया। बंदर की शव यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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बरौली अहीर के श्यामों गांव में लंबे समय से एक बंदर रहता था, जिसका ग्रामीणों के साथ ऐसा लगाव था, जैसे वह उनके घर का सदस्य हो। बंदर का गांव के एक-एक सदस्य से काफी जुड़ाव था। पिछले दिनों बंदरों के बीच हुए एक झगड़े में वह घायल हो गया था, जिसके वजह से उसकी मौत हो गई। बंदर की मौत से पूरे गांव में शौक की लहर दौड़ गई, लेकिन बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने कुछ ऐसा किया जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है।
निभाई गईं सारी परंपराएं
बंदर की मौत के बाद श्यामों गांव के लोगों ने हिंदू मान्यता के अनुसार बंदर का अंतिम संस्कार किया। किसी इंसान की मौत के बाद उसकी शांति के लिए निभाई जाने वाली सभी परंपराएं पूरी की। शुक्रवार की शाम श्यामों गांव में 10 से ज्यादा गांव के लोगों ने बैठकर अपना मुंडन कराया। ग्रामीणों के मुताबिक़ बंदरों को हनुमान जी का अवतार कहा गया है।
ये रहे मौजूद
मुंडन संस्कार के दौरानरामफूल, शिव शंकर वर्मा, मुरारी लाल, जीतेंद्र लोधी, अशोक राजपूत, विकेक, रविंद्र सिंह, माता प्रसाद अन्य लोग मौजूद रहे।