आगरा में राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान देखने में आया कि आरटीआई मांगने वालों में शहरी क्षेत्र से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के लोग हैं। वह बिजली, पानी, सड़क, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य बिंदुओं पर संबंधित विभागों से आरटीआई के माध्यम से जानकारी कर रहे हैं। यह अच्छी बात है। ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों की संख्या 60 फीसदी तक रही।
राज्य सूचना आयुक्त ने कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि पांच दिन की आगरा व अलीगढ़ मंडल के जनसुनवाई में सबसे ज्यादा मामले ग्राम्य विकास विभाग के रहे। पांच दिन में 900 से ज्यादा लंबित आरटीआई का निस्तारण किया गया। आगरा में वर्ष 2022 में 42 और इस वर्ष अब तक 20 अर्थदंड सूचनाएं नहीं देने पर लगाए गए। इनसे 15.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
उन्होंने कहा कि अधिकारी आरटीआई का जवाब संबंधित पोर्टल पर देखने के लिए कह देते हैं मगर खुद पोर्टल को चेक नहीं करते हैं कि वह काम कर रहा है या नहीं। निर्देश दिए हैं कि पोर्टल को गतिशील रखा जाए। अलीगढ़ में 2022 में 44 और 2023 में 42 अर्थदंड लगाए गए। इस तरह अलीगढ़ में 21.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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दोनों मंडलों के सापेक्ष आगरा मंडल में आगरा अव्वल रहा है। हालांकि अब भी सुधार की जरूरत है। इस मौके पर अनिल त्रिखा, निजी सचिव अंकीश पांडेय, ऋषभ सिंह आदि मौजूद रहे।