कासगंज। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने विकास खंड सहावर की ग्राम पंचायत अलादीनपुर के ग्राम प्रधान पप्पू सिंह के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। जांच में प्रधान की ओर से किए गए मजदूरी भुगतान और प्रशासनिक व्यय में कुल 7,54,165 रुपये की अनियमितता पाई गई है। डीएम ने ग्राम पंचायत के संचालन को तीन सदस्यीय समिति का गठन करने के आदेश दिए हैं।
गांव अलादीनपुर निवासी विजेंद्र सिंह ने ग्राम प्रधान के खिलाफ पंचायत के खाते से अपने परिजन के खाते में भुगतान करने और हैंडपंप रिबोर में अनियमितता बरतने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। डीएम के आदेश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने जांच की। डीएसओ ने 3 अक्तूबर को जांच रिपोर्ट विभाग को भेजी। वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में ग्राम प्रधान पप्पू सिंह को कारण बताओ नोटिस भेजा गया। इसके बाद ग्राम प्रधान ने खंड विकास अधिकारी सहावर को अपना जवाब भेजा। जांच में पता चला कि प्रधान ने अपने बेटे अखिलेश कुमार के खाते में 5,48,230 रुपये, कृष्ण कुमार के खाते में 57,300 रुपये और पिता राजवीर के खाते में 58,635 रुपये का भुगतान किया। प्रधान ने बताया कि यह धनराशि विकास कार्य की मजदूरी के लिए भेजी गई। जबकि जिन मजदूरों को भुगतान किया जाना था उनके खाते में धनराशि नहीं भेजी गई। बल्कि नियमों को ताक में रखकर अपने परिजन के खातों में भुगतान किया गया। इसी तरह हैंडपंप रिबोर के मामले में अधिशासी अभियंता जल निगम की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई। उनके स्वीकृति पत्र जांच अधिकारी को उपलब्ध नहीं कराए। हैंडपंप रिबोर के सभी बिलों के भुगतान में भी अनियमितता पाई गई। वहीं, प्रशासनिक व्यय एवं कंप्यूटर मरम्मत, रख रखाव संबंधी भुगतान का कोई बिल नहीं पाया गया। नवीन अभिलेख और साफ-सफाई कार्य के भुगतान का कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इन कार्य पर 90,000 रुपये का बिना बिल के भुगतान किया गया। प्रारंभिक जांच में ग्राम प्रधान पप्पू सिंह को वित्तीय और अन्य अनियमितता का दोषी पाया गया।
उप निदेशक कृषि को सौंपी अंतिम जांच
ग्राम प्रधान की ओर से कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। डीएम ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली 1997 के तहत प्रधान को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए अंतिम जांच के आदेश दिए हैं। उप निदेशक कृषि को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच पूरी होने और आरोपों से मुक्त होने तक प्रधान अपने पद की शक्तियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। तब तक ग्राम पंचायत का कामकाज तीन सदस्यीय समिति संभालेगी।
वर्जन
जिला पूर्ति अधिकारी से ग्राम प्रधान की जांच कराई गई। इसमें वित्तीय अनियमितता पाई गई। इस पर ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। मामले की अंतिम जांच उप निदेशक कृषि को सौंपी गई है। तब तक तीन सदस्यीय कमेटी ग्राम पंचायत के संचालन का जिम्मा संभालेगी। -प्रणय सिंह, जिलाधिकारी कासगंज।