सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव की मुश्किलें और भी बढ़ने जा रही हैं। गैंगस्टर एक्ट में रामेश्वर सिंह यादव की गिरफ्तारी के बाद अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है।
एटा में अलीगंज विधानसभा सीट से सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव की संपत्ति की विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर शासन के आदेश पर आगरा विजिलेंस दोनों की चल और अचल संपत्ति की जानकारी जुटा रही है। रामेश्वर सिंह को पिछले दिनों आगरा से गिरफ्तार कर एटा पुलिस ले गई थी।
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पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ एटा के कोतवाली नगर में गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। 30 मई को दोनों पर कुर्की कार्रवाई के लिए न्यायालय ने नोटिस जारी किए थे। नौ जून को रामेश्वर सिंह यादव को आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर दस से गिरफ्तार किया गया था। उन्हें जेल भेजा गया है।
दोनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत
एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि पूर्व विधायक और उनके भाई के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की गई थी। आगरा मंडल में उनकी चल और अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसके बाद शासन को रिपोर्ट दी जाएगी। विजिलेंस दोनों भाइयों की संपत्ति, प्रतिष्ठान, फर्म, कृषि भूमि आदि की जानकारी जुटा रही है।
सपा के कद्दावर नेताओं में है गिनती
एटा में अलीगंज से पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव जिले में सपा के कद्दावर नेता हैं और यहां पार्टी उनके पीछे ही चलती है। एटा ही नहीं, फर्रुखाबाद जिले में भी उनकी राजनीति की धमक है। तीन बार अलीगंज के विधायक रह चुके हैं। प्रो. रामगोपाल से रिश्तेदारी की वजह से पार्टी हाईकमान तक उनके सीधे संबंध हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
सपा की स्थापना से जुड़े हैं दोनों भाई
अलीगंज के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई जुगेंद्र सिंह यादव पार्टी की स्थापना से ही जुड़ गए थे। धीरे-धीरे पार्टी के साथ ही उनका भी कद बड़ा होता गया। 1996 में जब पहली बार विधायक बने तो राजनीतिक करियर को ऊंची उड़ान मिली थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और दोनों भाई राजनीति में सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए। इस बीच पार्टी के थिंक टेंक कहे जाने वाले प्रो. रामगोपाल के परिवार से उनकी रिश्तेदारी हो गई। इससे पार्टी और जिले में उनकी अहमियत और बढ़ गई।