पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह
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आगरा के थाना सिकंदरा में एक पीड़िता की शिकायत पर घटना के चार साल बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि पुलिस ने पूर्व में मेडिकल कराया। मगर, मुकदमा दर्ज नहीं किया। अब वो पुलिस आयुक्त के समक्ष पेश हुई थी। इस पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें दो नामजद और एक अज्ञात आरोपी हैं। पुलिस साक्ष्य संकलन कर रही है।
ये है मामला
पीड़िता सिकंदरा क्षेत्र की रहने वाली है। मुकदमे में दीपिका चौधरी, राजेश चाहर और अज्ञात को नामजद किया है। पीड़िता पुलिस आयुक्त के समक्ष पेश हुई थी। उसने कहा कि 12 जुलाई 2018 को घर में घुसकर दीपिका चौधरी ने गालीगलौज की। वह कुछ कर पातीं, उससे पहले ही दो और लोग आ गए। तीनों ने जान से मारने के लिए मारपीट की। आरोपियों में राजेश चाहर भी था। वह कागारौल क्षेत्र का बदमाश है। इन सभी ने बदसलूकी की। कपड़े फाड़ दिए। इस घटना की वीडियो भी उनके पास है।
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पुलिस से शिकायत करने पर मेडिकल कराया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। इस पर जांच हुई। मगर, कार्रवाई नहीं हुई।
साक्ष्य संकलन कर रही पुलिस
थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि पीड़िता ने अब शिकायत की है। इस पर घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्य संकलन कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।