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बस से उतारी युवती की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठे सवाल, मां ने बताई आंखों देखी

Wed, 15 Jul 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा/फिरोजाबाद

सार

  • घटना 15 जून की है। यमुना एक्सप्रेसवे पर रोडवेज बस चालक और परिचालक ने कोरोना शक में युवती को जबरन बस से नीचे उतार दिया था। थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई थी। 
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अंशिका का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा के थाना मांट क्षेत्र में कोरोना संक्रमित होने के शक में 15 जून को यमुना एक्सप्रेसवे पर बस से जबरन उतारी गई युवती की मौत मामले में परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट परसवाल उठाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई थी। जबकि मृतका की मां का कहना है कि उस दिन उनकी बेटी के साथ अमानवीय सलूक हुआ था। 
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फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद के मोहल्ला हीरा नगर निवासी सर्वेश कुमारी पत्नी सुशील कुमार परिवार के साथ दिल्ली में रहती थी। उसके पति दिल्ली में ही एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं और बेटा ट्रक चलाता है। सर्वेश ने बताया कि वैश्विक महामारी के चलते 15 जून को अपनी बेटी अंशिका (20) के साथ रोडवेज बस से सेक्टर 37 नोएडा से शिकोहाबाद के लिए बैठी थी। 


बस में बिगड़ गई थी बेटी की तबियत

रास्ते में उनकी बेटी को धूप और गर्मी के चलते घबराहट होने लगी। यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल से 250 मीटर पहले ही चालक ने बस रोक दी और चालक-परिचालक ने कंबल बेटी के ऊपर डाल कर जबरन पैर पकड़ कर खींचने लगे। रोकने पर उन्होंने एक नहीं सुनी और सड़क पर फेंक दिया। उसके सिर में गंभीर चोट आई। 
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मृतक युवती के परिजन - फोटो : अमर उजाला
तेज धूप और गर्मी में बेटी को लेकर बैठी मां पीछे बाइक से आ रहे बहू-बेटा का इंतजार करने लगी। बेटी ने तड़पते हुए मां के सामने दम तोड़ दिया। पुत्र के पहुंचने के बाद पुलिस को सूचना दी। मांट थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मथुरा भेज दिया। मृतका के भाई विपिन ने बताया कि पोस्टमार्टम में युवती की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। इससे परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर संदेह है। 

मुश्किल से दर्ज की रिपोर्ट, परिवार में आक्रोश

मृतका के भाई विपिन का कहना है कि पहले तो पुलिस रिपोर्ट ही दर्ज नहीं कर रही थी। करीब एक माह बाद जब मामला महिला आयोग तक पहुंचा तो 11 जुलाई को एफआईआर दर्ज की है। परिजनों में पुलिस की इस लापरवाही के चलते आक्रोश व्याप्त है। 

आरोप है कि पुलिस भी रोडवेज बस के कर्मचारियों का बचाव कर रही है। रिपोर्ट भी अज्ञात के खिलाफ दर्ज की है। बस के चालक-परिचालक दोनों उसकी बहन की मौत के जिम्मेदार हैं। अंशिका चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।
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