आगरा। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो और दलित उत्पीड़न के मुकदमे में सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता और उसकी मां पूर्व में दी गई गवाही से मुकर गईं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने ठोस साक्ष्य के अभाव में थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के सैनिक नगर निवासी तरुण, गांव मघटई निवासी होटल मैनेजर गजेंद्र उर्फ अभिषेक को बरी करने के आदेश दे दिए। गवाही से मुकरने पर वादिनी और मां के खिलाफ धारा -22 के तहत विधिक कार्यवाही करने के आदेश दिए।
थाना जगदीशपुरा में दर्ज केस के अनुसार किशोरी की मां ने 8 जनवरी 2020 तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 3 महीने पहले थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के सैनिक नगर निवासी आरोपी तरुण चौहान उनकी 14 वर्षीय पुत्री को बहलाकर बिचपुरी स्थित एक होटल में ले गया। वहां पुत्री के साथ आरोपी तरुण और होटल मैनेजर गजेंद्र उर्फ अभिषेक ने दुष्कर्म किया। इसके बाद पुत्री को ब्लैकमेल करने लगे।इस पर शिकायत की गई।
पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो और दलित उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज किया। पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद बयान के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था। पुलिस एवं डॉक्टर के समक्ष दिए बयान में आरोपियों के विरुद्ध दुष्कर्म की पुष्टि की थी। अदालत में दिये बयान में पीड़िता ने कहा घटना वाले दिन वह साइकिल से रेस्टोरेंट में खाना खाने गई थी। रास्ते में साइकिल से गिरने की वजह से प्राइवेट पार्ट पर चोट लग गई थी। वह तरुण और गजेंद्र उर्फ अभिषेक को नहीं जानती और उन्होंने उसके साथ कुछ नहीं किया।