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किसानों के सामने फसल काटने का संकट

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कोसीकलां (मथुरा)। कोरोना वायरस के कारण पंजाब से आने वाली कंपाइन मशीन नहीं आने से मजदूरों ने भी फसल काटने से हाथ खींच लिए हैं। किसानों की फसलें पककर तैयार खड़ी हैं, लेकिन कटाई नहीं होने से खेतों में झड़ जाने का खतरा पैदा हो गया है।
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फाल्गुन मास के अंतिम सप्ताह में रबी की फसल की कटाई शुरू हो जाती है। फाल्गुन मास निकल गया है। रबी की फसलें पूरी तरह से पक गईं हैं। इनके कटाई का समय आ गया है। लेकिन कटाई नहीं हो रही है। समय पर कटाई नहीं होने से खेतों में ही झड़ने का भय है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में लॉकडाउन कर दिया है। फसल कटाई के दौरान प्रतिवर्ष पंजाब से कंपाइन मशीन आती थी, लेकिन कोरोना के कारण अबकी बार ऐसा नहीं हो सका है। वहीं, कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर मजदूर भी खेतों में कटाई को जाने से कतरा रहे हैं। इससे कटाई का काम शुरू नहीं हो पा रहा है, जबकि फसलें पूरी तरह से पक गईं हैं। इससे किसान काफी परेशान हैं। कटाई नहीं होने से फसल की थ्रेसिंग नहीं हो पा रही है। खेतों में फसल तो खड़ी है, लेकिन समय पर पैदावार नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसानों के सामने संकट है। हालांकि, कुछ छोटे किसान फसल को खुद ही काटने में जुट गए हैं।
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नगरिया निवासी सुखदेव वशिष्ठ का कहना था कि अधिकांश फसलें पककर तैयार हो गई हैं, लेकिन मजदूर और कंपाइन मशीन मिलने की समस्या हो गई है। अजीजपुर के भूदेव शर्मा का कहना था कि कंपाइन मशीन न आने से किसानों के सामने फसल की कटाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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