आगरा कलेक्ट्रेट में शनिवार को आयोजित पेंशनर्स दिवस पर मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान ने कहा कि पेंशनर्स को जीवित प्रमाणपत्र के लिए अब चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। व्हाट्सएप और वीडियो कॉल से भी वह सत्यापन करा सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल एप, डाकघर या ऑनलाइन जीवित प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। इस दौरान विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्त कर्मी व संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।
लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त लक्ष्मी नारायण शर्मा ने कहा सेवानिवृत्ति के एक साल बाद भी उनकी पेंशन नहीं बंध पाई है। पेंशन के कागज ही विभाग ने कोषागार नहीं भेजे। पुलिस पेंशनर कल्याण संस्थान के प्रतिनिधि ने कहा पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत पंजीकृत अस्पताल इलाज की सुविधा नहीं दे रहे। इसके लिए प्रशासन को सभी पंजीकृत अस्पतालों को पत्र जारी करना चाहिए।
लगाने पड़ते थे चक्कर
पुलिस पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा जीवत प्रमाणपत्र के लिए उन्हें चक्कर काटने पड़ते हैं। दूर दराज से आने वाले पेंशनर्स के लिए कोषागार में बैठने की सुविधा नहीं हैं। विकलांग पेंशनर्स को समस्या होती है। सीटीओ रीता सचान ने कहा कि 80 कुर्सियां व दो व्हीलचेयर मंगाई जा रही हैं। बैठक में उप्र सिविल पेंशनर्स परिषद के केके अवस्थी के अलावा बैंक, डाकघर, एसएन व एलआईसी के पेंशनर्स शामिल हुए। सिटी मजिस्ट्रेट आनंद कुमार, पूर्व एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा, वरिष्ठ पेंशनर हरीशंकर कटारा, केके अवस्थी, अशफाक अहमद, भागराज सिंह, रमा गोतम, वीर सिंह यादव आदि मौजूद रहे।