फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: वार्डों में नहीं पहुंचे वाहन, 1.60 लाख घरों से नहीं उठा कचरा

विज्ञापन
विज्ञापन
- दोपहर तक कॉलोनियों में लगे गंदगी के ढेर, आज से हालात सामान्य होने का दावा, कूड़ा वाहनों की पार्किंग हटने से परेशानी
विज्ञापन


माई सिटी रिपोर्टर
आगरा। हरीपर्वत और लोहामंडी जोन के 50 वार्डों में दो दिनों से घरों से कूड़ा नहीं उठा है। करीब 1.60 लाख घरों से कचरा उठाने वाली 152 गाड़ियां रविवार और सोमवार को नहीं पहुंचीं तो लोगों ने कॉलोनियों के मोड़, सड़कों के किनारे और खाली प्लॉटों में कचरा फेंका।
आधे शहर में कचरे के ढेर जगह-जगह वार्डों में गली-मोहल्लों में नजर आए। दिल्ली गेट, लॉयर्स कॉलोनी, लोहामंडी, बाग फरजाना, मदिया कटरा, संजय प्लेस, राजा मंडी, दयालबाग, आवास विकास कॉलोनी, रामनगर, ट्रांसपोर्ट नगर, भगवान टाॅकीज, सूर्य नगर, खंदारी, किशोरपुरा, सिकंदरा, हलवाई की बगीची, एमजी रोड से सटे इलाकों में कचरे के ढेर लग गए।
विज्ञापन

रविवार के बाद सोमवार को भी वाहन नहीं पहुंचने पर लोगों ने पार्षदों और निगम अधिकारियों से शिकायत की। गलियों में कूड़ा फेंके जाने से सड़ांध के कारण लोगों का निकलना मुहाल हो गया। निगम अधिकारियों ने आनन-फानन में वैकल्पिक व्यवस्था की और दावा किया है कि मंगलवार तक कचरा लेने गाड़ियां घर पहुंचने लगेंगी।


निगम के हाथों से फिसली 4710 वर्गमीटर जमीन
मौजा ककरैठा में गाटा नंबर 207 की 4710 वर्गमीटर बेशकीमती जमीन नगर निगम के हाथों से फिसल गई। सिविल कोर्ट के आदेश के बाद रातोंरात जमीन को खाली करा लिया गया। इसके कारण नगर निगम के डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के वाहनों की पार्किंग खत्म होने से कचरा लेने का काम ठप हो गया। निगम के संपत्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिकंदरा क्षेत्र के मौजा ककरैठा में खसरा संख्या 207 पर लगभग 4710 वर्गमीटर जमीन पर वर्ष 2007 से ही निगम और लक्ष्मीनारायण शर्मा व पवन शर्मा के बीच अदालती लड़ाई चल रही है। यह केस एसडीएम कोर्ट में भी चल रहा है। शनिवार को सिविल कोर्ट का आदेश लक्ष्मीनारायण के पक्ष में आया तो 26 सितंबर को अमीन की मौजूदगी में जमीन खाली कराई गई। निगम के वाहनों और मजदूरों को यहां से हटा दिया गया। स्वच्छता कॉर्पोरेशन के लोहामंडी और हरीपर्वत जोन के 150 वाहनों की यहां पार्किंग थी और 300 सफाईकर्मी अपने परिजन के साथ रह रहे थे।
-



शेल्टर होम भेजे गए सफाई कर्मचारी
स्वच्छता कॉर्पोरेशन के 300 से ज्यादा कर्मचारियों को ककरैठा की जमीन से हटाया गया तो नगर आयुक्त संतोष वैश्य ने नगर निगम के अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद शेल्टर होम के दरवाजे खोल दिए। इन कर्मचारियों को रात में सोने के लिए शेल्टर होम भेजा गया। सोमवार को दहतोरा, सिकंदरा क्षेत्र में निगम की एक और खाली पड़ी जमीन पर भेजा गया, जहां तंबू-कनात लगाकर लोगों के रहने और वाहनों की पार्किंग का अस्थायी इंतजाम किया गया।

-
ककरैठा की जमीन पर सभी न्यायिक पहलुओं पर परीक्षण कराया जा रहा है। आगे की विधिक कार्रवाई पर सलाह ली जा रही है। फिलहाल दहतोरा में वाहन पार्किंग शिफ्ट कराई गई है। मंगलवार से कुछ वाहनों का निकलना शुरू हो जाएगा। जल्द ही सफाई व्यवस्था सामान्य हो जाएगी। - संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
-
पार्षदों ने उठाए सवाल

- दो दिन से कचरा नहीं उठा। निगम की करोड़ों की जमीन महज पांच महीने में ही हाथों से चली गई। संपत्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है। - शरद चौहान, पार्षद, बाग फरजाना

हर बार संपत्ति विभाग की लचर पैरवी से बेशकीमती जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं। नगर आयुक्त ऐसे मामलों की पड़ताल कर कार्रवाई करें, तभी यह क्रम रुकेगा। - रवि माथुर, पार्षद, पीपलमंडी
विज्ञापन

-

लचर पैरवी के कारण नगर निगम संपत्ति के विवाद में हारा है। विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही के कारण भूमाफिया नगर निगम की बेशकीमती संपत्तियों पर कब्जा कर रहे हैं। ऐेसे कई मामले संज्ञान में हैं। व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री से मिलकर स्थिति से अवगत कराऊंगी। - हेमलता दिवाकर, मेयर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें