ताज ट्रिपिजियम जोन (टीटीजेड) में परिवहन विभाग ने यूपी 80 एएस से लेकर यूपी 80 एवाई सीरीज तक के करीब 55 हजार दो पहिया, चार पहिया व गैर परिवहन वाहनों के संचालन पर मंगलवार को रोक लगा दी है। इन सीरीज के वाहनों को टीटीजेड से बाहर चलाने के लिए एनओसी लेनी होगी। जिसके लिए वाहन स्वामियों को एक माह की मोहलत दी गई है।
टीटीजेड में 15 वर्ष पुराने वाहन प्रतिबंधित हैं। अब सहायक संभागीय परिवहन एवं पंजीयन अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने 1 अप्रैल 2006 से 31 मार्च 2007 के बीच खरीदे गए नंबरों की सात सीरीज को बंद किया है। ऐसे वाहनों की संख्या करीब 55 हजार है। इनमें 90 प्रतिशत दो पहिया वाहन हैं। पूर्व में परिवहन विभाग ने यूपी 80 एएस से पहले की सीरीज पर रोक लगाई थी। उन वाहनों की संख्या 50 हजार से अधिक है। एजेड सीरीज के वाहनों को फिलहाल राहत मिल गई है।
पंजीयन अधिकारी अनिल कुमार के अनुसार टीटीजेड से बाहर क्षेत्रों में यदि प्रतिबंधित सीरीज के वाहनों को वाहन स्वामी ले जाना चाहता है तो उन्हें एक महीने में एनओसी के लिए आवेदन करना होगा। बिना एनओसी संचालित वाहनों को प्रतिबंधित श्रेणी में मानते हुए उनके पंजीयन निलंबित कर दिया जाएगा।
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सीसीटीवी से नहीं हो रही धरपकड़
प्रतिबंध के बावजूद 15 साल पुराने वाहन एमजी रोड से लेकर हाइर्व तक दौड़ रहे हैं। स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरों से ऐसे वाहनों की धरपकड़ होनी थी, लेकिन छह महीने से कार्रवाई ठप है। कमिश्नर अमित गुप्ता का कहना है कि प्रतिबंधित वाहनों को जब्त करने के आदेश पुलिस व परिवहन अधिकारियों को दिए हैं। चिह्नित वाहनों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा।