मैनपुरी। आलू और प्याज के भाव बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। एक पखवाड़े में दोगुना प्याज की कीमत हो गई है। आलू 35 रुपये प्रति किलो और प्याज पचास रुपये प्रति किलो तो बिक रही है। हरी सब्जियों के दामों में भी बीस प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
जिले में एक महीने पहले जिले में प्याज 12 रुपये किलो बिक रही थी। इसके बाद प्याज का दाम 20 रुपये के करीब पहुंचा। अब बाजार में प्याज 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
वहीं आलू की कीमत 30 रुपये प्रति किलो से 35 रुपये प्रति किलो हो गई है। सब्जियों व्यापारियों का कहना है कि बाजार की मंडियों से आवक कम हो रही है। वहीं स्थानीय सब्जी भी अभी मंडी में नहीं आ रही है। व्यापारियों का मानना है कि करीब 15 से बीस दिन तक सब्जियों के भाव इसी तरह रहेंगे। स्थानीय सब्जियों की आवक शुरू होते ही दाम में कमी आएगी।
दालों के भाव में परिवर्तन नहीं
सब्जियों की कीमतें जहां लगातार बढ़ रही हैं, वहीं दाल के भाव में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ है। बीते दो माह से दालों के भाव स्थिर बने हुए हैं। इन दिनों खुले बाजार में अरहर की दाल 90 से 100 रुपये, मूंग की दाल 80 रुपये, उर्द की दाल 80 रुपये, चना की दाल 70 रुपये और मसूर की दाल 80 रुपये किलो में बिक रही है।
सब्जी का भाव (15 दिन पहले और अब)
सब्जी वर्तमान भाव पहले का भाव
प्याज 50 रुपये 20 रुपये-शशिकांत, सब्जी व्यापारी
आलू 35 रुपये 30 रुपये
भिंडी 30 रुपये 20 रुपये
तोरई 30 रुपये 20 रुपये
टमाटर 60 रुपये 40 रुपये
शिमला मिर्च 100 रुपयेे 80 रुपये
फूलगोभी 100 रुपये 70 रुपये
पत्ता गोभी 40 रुपये 30 रुपये
अरबी 30 रुपये 20 रुपये
परमल 40 रुपये 30 रुपये
प्याज की कीमतें हमेशा तभी बढ़ती हैं, जब उसकी आवक कम हो जाती है। इन दिनों बाहर से प्याज की आवक न होने के कारण ही प्याज के दाम रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। - शशिकांत, सब्जी व्यापारी
एक सप्ताह में सब्जी के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। मंडी में जब दुकानदारों को ही सब्जी महंगी मिल रही है तो फुटकर में तो उसका और महंगा होना तय है। मंडी में सब्जी कम आ रही है। -नरेश कुमार, सब्जी व्यापारी
आलू और प्याज की जरूरत हर सब्जी के लिए होती है। इनके दामों में बढ़त से अन्य सब्जियों के दाम भी चढ़ने लगे हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -मनोज कुमार, ग्राहक
जिले में प्याज के भंडारण की व्यवस्था न होने के चलते बाहर से ही प्याज आता है। जैसे ही प्याज की आवक कम होती है तो कीमतें बढ़ना शुरू हो जाती हैं। प्रशासन इस ओर ध्यान दे। -श्याम कुमार, ग्राहक