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देवोत्थान से पहले सब्जियों के भाव में तीन गुना तक उछाल, महंगाई से 'लाल' हुआ टमाटर

Tue, 24 Nov 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सब्जी - फोटो : अमर उजाला
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देवोत्थान से पहले सब्जियों के भाव फिर बढ़ गए हैं। आगरा में बीत दो दिन के अंतराल में थोक कीमतों में तीन गुना तक इजाफा हो चुका है। टमाटर 20 से बढ़कर 28 रुपये किलो हो गया है। लौकी 5 की जगह 15 रुपये किलो में बिक रहा है। लहसुन सौ रुपये से बढ़कर डेढ़ सौ रुपये किलो पर बेचा जा रहा है। फुटकर में कीमतें और भी अधिक हैं। फुटकर में टमाटर 45 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है जबकि लौकी 30 रुपये प्रति किलो।
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स्थानीय आवक आने से सब्जियों के भाव में गिरावट आ गई थी। प्याज समेत अन्य सब्जियों पर 20 रुपये किलो तक गिर गए थे। लेकिन दो-तीन दिनों में दाम चढ़ने शुरू हो गए हैं। कारोबारियों का तर्क है कि देवोत्थान से शुरू हो रहे सहालग के लिए मांग बढ़ने से दाम बढ़े हैं। 


ये हैं थोक भाव
सब्जी        पहले--अब
टमाटर       20 --  28
गाजर         10--20
फूलगोभी    10--16
पत्ता गोभी    15--20
नींबू           30--40
अदरक        28--35
शिमला मिर्च    20--30
लौकी      5--15
बैंगन     5--10
लहसुन    100--150

फुटकर में भाव
टमाटर    28--45
गाजर    20--35
फूलगोभी    16--30
पत्ता गोभी    20--35
नींबू    40--60
अदरक    35--55
शिमला मिर्च    30--45
लौकी    15--30
बैंगन    10--25
लहसुन    150--200

सिकंदरा मंडी के थोक कारोबारी शकील ने कहा कि सहालग के चलते सब्जियों के दाम तीन गुना तक बढ़ गए हैं। यह फर्क विगत दो-तीन दिनों में आया है। आगामी एक हफ्ते तक कीमतें बढ़ने के आसार हैं।

महंगाई पर अंकुश जरूरी
बल्केश्वर निवासी कामिनी शर्मा ने कहा कि रोजमर्रा के सामान के मूल्यों में इजाफा होने से जेब पर भार पड़ता है। प्रशासन को दामों पर नजर बनाकर रखनी चाहिए। महंगाई पर अंकुश लगना जरूरी है।
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मौका देख दाम बढ़ाना गलत
खंदारी निवासी प्रीति ने कहा कि मौके को देखते हुए सब्जियों के दामों में वृद्धि कर देना गलत है। कोरोना काल में पहले ही लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रशासन इस पर लगाम लगाए।

कमलानगर की कृपा इसरानी ने कहा कि थोक में जब भी मूल्य बढ़ते हैं, तो फुटकर में मुनाफाखोरी शुरू हो जाती है। आम आदमी पर भार और भी बढ़ जाता है। इस पर लगाम लगानी चाहिए। 
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