चमकती अरबी-अदरक और गहरा हरा परमल-मटर। सब्जियों का रंग-रूप देखकर खरीददारी कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। ये रंग और तेजाब में धुली हुई सब्जियां हो सकती हैं। खराब गुणवत्ता की सब्जियों की बिक्री के लिए विक्रेता यह कारस्तानी कर रहे हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में यह खेल पकड़ में आया है।
एफएसडीए की लैब में मटर और अदरक के नमूने फेल हुए हैं। मटर में सिंथेटिक हरा रंग और अदरक में तेजाब मिला है। अधिकारियों को परमल, मटर, टिंडा, भिंडी, खीरे में भी हरा रंग लगाने की आशंका है। अरबी और सिंघाड़े को तेजाबयुक्त पानी में धोकर इसे उजला और चमकदार बनाकर बिक्री की आशंका है। इससे गली-सड़ी सब्जी नजरों से बच जाती है।
सेब को अच्छी गुणवत्ता का दिखाने के लिए उसे मोम और मोबीऑयल लगाया जा रहा है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम आशीष मौर्य ने बताया कि सब्जियों को ताजा और चमकदार दिखाने के लिए रंग और तेजाबयुक्त पानी से धोते हैं। इनकी पकड़ के लिए छापामार कार्रवाई कर नमूने भी लिए जा रहे हैं।