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प्रॉमिस डे: ताउम्र महकता रहे ये प्यार, इन दंपतियों से सीखिए मजबूत रिश्तों की परिभाषा

Tue, 11 Feb 2020 12:26 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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promise day - फोटो : अमर उजाला
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वेलेंटाइन डे अब केवल युवा नहीं बल्कि बुजुर्ग भी मनाते हैं, क्योंकि प्यार करने की कोई उम्र नहीं तय नहीं है। कुछ दंपती 50 की उम्र पार कर चुके हैं, लेकिन एक-दूसरे के लिए प्यार की तासीर आज भी वैसी ही बनी हुई है। 
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वेलेंटाइन वीक का पांचवां दिन मंगलवार को प्रॉमिस-डे है। इस दिन प्रेमी जोड़े प्यार की तमाम कसमें खाएंगे। कुछ ऐसे दंपती जिन्होंने एक साथ कई वसंत बिताए और समय के साथ इनका प्रेम और प्रागढ़ होता गया। इन्होंने जो वादे एक-दूसरे से किए उन्हें अब तक बडे़ प्यार से निभाया। कुछ ऐसे ही लोगों ने अमर उजाला के साथ साझा किए अपने अनुभव...
 

अरविंद सडाना और पम्मी सडाना - फोटो : अमर उजाला
दुख में साथ निभाए वहीं सच्चा वेलेंटाइन 
हीराबाग निवासी अरविंद सडाना और पम्मी सडाना कहते हैं कि वेलेंटाइन डे प्यार करने वालों का दिन है, मगर कितने हैं, जो सच्चा प्यार करते हैं और वादों को निभाते हैं। पम्मी बताती हैं कि पति ही मेरे पहले और आखिरी वेलेंटाइन हैं। उन्होंने प्रेम की गरिमा को पूरी तरह निभाया है। 

दिसंबर में सगाई हुई, उसके बाद वेलेंटाइन में मेरे पसंदीदा रजनीगंधा के फूलों का गुलदस्ता देकर वादा किया था कि हर सुख दुख में साथ निभाएंगे। सुख-दुख के प्रत्येक पल में मेरे वेलेंटाइन ने मेरा हाथ नहीं छोड़ा। सुख में तो सभी साथ निभाते हैं, दुख में जो साथ निभाए। वहीं सच्चा वेलेंटाइन है।  

जय किशन बुधरानी और वर्षा बुधरानी - फोटो : अमर उजाला
और गहरा हुआ प्यार का रंग
जय किशन बुधरानी और वर्षा बुधरानी कहते हैं, हम एक दूसरे को आज भी उतना ही प्यार करते हैं, जितना कि शादी के वक्त करते थे। हां, इस प्यार में और इजाफा हुआ। वर्षा कहती हैं, हर साल पति उपहार जरूर देते हैं। इस बार भी उन्होंने मेरे लिए सोने की चूड़ियां बनवाई हैं। बच्चे सेटल हो चुके हैं। जिम्मेदारियां खत्म हो चुकी हैं, इसलिए जिंदगी के हर पल का आनंद ले रहे हैं। शादी के वक्त हर पल साथ निभाने का जो वादा किया था, आज भी उसे निभा रहे हैं। 

सुभाष और संतोष दुआ - फोटो : अमर उजाला
साथ बना रहे यही है दुआ
आवास विकास कॉलोनी निवासी सुभाष और संतोष दुआ कहते हैं कि वेलेंटाइन डे के दिन हम एक दूसरे को विश करते हैं और ताउम्र इसी तरह हमारा प्यार और साथ बना रहे, ईश्वर से बस यही कामना करते हैं। वे कहते हैं, उम्र के एक पड़ाव पर आकर ही जीवन साथी की अहमियत का अहसास होता है। शादी को 41 वर्ष हो गए हैं। क्योंकि आधी उम्र तो बच्चों की परवरिश, शिक्षा, करियर और शादी में कट जाती है। इस उम्र में पति-पत्नी की असल जिंदगी की शुरुआत होती है। 

कोमल कुमार और रजनी जैन - फोटो : अमर उजाला
वेलेंटाइन डे के दूसरे दिन थामा हाथ
बालूगंज के कोमल कुमार और रजनी जैन कहते हैं, हमने वेलेंटाइन डे को यादगार बनाने के लिए अपनी शादी 15 फरवरी को की। इसी 15 को हमारी शादी की 44वीं वर्षगांठ है। हम हर साल धूमधाम से अपनी शादी की सालगिरह मनाते हैं। एक बेटा और दो बेटियां हैं। बच्चे भी हर साल पार्टी का इंतजाम करते हैं। हमारे जमाने में वेलेंटाइन का चलन नहीं था। पिछले कुछ सालों से सेलिब्रट करने लगे हैं। 
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दामोदर दयाल बंसल और कमला देवी बंसल - फोटो : अमर उजाला
विरह प्रेम की कसौटी 
दयालबाग निवासी दामोदर दयाल बंसल और कमला देवी बंसल कहते हैं कि विरह प्रेम की कसौटी है। जो प्रेम की गहराई को व्यक्त करता है। बिजनेस और दूसरे कारणों से कई बार ऐसे मौके आए जब हमें भी एक दूसरे से दूर होना पड़ा। तभी हमें अहसास हुआ कि हम एक-दूसरे से कितना प्रेम करते हैं। वे कहते हैं, प्रेम बहुत ही व्यापक शब्द है। इसमें हर वह रिश्ता शामिल होता है, जिसकी नींव प्रेम पर टिकी होती है। 20 जून को हमारी शादी की 50वीं वर्षगांठ है। आज भी प्रेम, संवेदनाएं बरकार हैं। 
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