आगरा के सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित नाले में रविवार सुबह मिली मशीन ऑपरेटर धर्म सिंह उर्फ बबलू (45) की लाश के बाद सोमवार को पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 24 घंटे में ही हत्या की गुत्थी सुलझा ली। इनमें से एक आरोपी मिथुन मृतक की बेटी से प्रेम करता था। उससे शादी न करने के कारण खफा था, इसलिए हत्याकांड को अंजाम दिया।
गांव महल निवासी धर्म सिंह उर्फ बबलू एक जूता फैक्टरी में मशीन ऑपरेटर था। वो एक फरवरी को लापता हो गया था। रविवार सुबह उसकी लाश औद्योगिक क्षेत्र स्थित नाले में मिली थी। उसके शरीर पर चाकू से गोदने के निशान थे।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पुलिस टीम ने 24 घंटे में घटना का पर्दाफाश किया है। बबलू पुलिस और अधिवक्ताओं के साथ उठता-बैठता था। मुकदमों में फंसने वालों की सेटिंग कराता था।
घटना वाले दिन बबलू फरह गया था, उसे दो अभियुक्तों से मिलना था। पुलिस उन तक पहुंच गई। उन्होंने बताया कि बबलू गांव महल निवासी वैन चालक तुलसीदास उर्फ कांची के साथ आया था। यहां शराब भी पी थी। इसका पता चलने पर पुलिस ने तुलसीदास को पकड़ लिया। पूछताछ में तुलसीदास ने हत्या की बात कबूल कर ली।
उसने कहा कि गांव के ही मिथुन ने हत्या का प्लान बनाया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि तीनों ने जगदीशपुरा क्षेत्र में शराब पी थी। बबलू के नशे में होने पर औद्योगिक क्षेत्र ले आए। चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को नाले में फेंक दिया।
आरोपी बोला, बबलू की जिद के कारण की हत्या
मुख्य आरोपी मिथुन ने बताया कि वो बबलू की बेटी से प्यार करता था, लेकिन बबलू ने शादी नहीं होने दी। उसने बेटी की शादी कहीं और कर दी। वहां उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया।
मिथुन का कहना है कि उसने बबलू से बेटी का तलाक कराने के लिए कहा, लेकिन वह तब भी नहीं माना। कुछ दिनों बाद बबलू की बेटी की ससुरालियों ने हत्या कर दी थी। उसका कहना है कि यदि उसके साथ शादी हुई होती तो वह जिंदा होती। उसका कहना है कि बबलू की जिद ही उसकी मौत का कारण बनी।