ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी का कहना है कि वैष्णव समुदाय के लोग 24 अगस्त को जन्माष्टमी मना रहे हैं। दरअसल रोहिणी नक्षत्र, जिसमें भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था वह 24 अगस्त को आ रही है। 24 अगस्त की तड़के 3 बजकर 46 मिनट से दूसरे दिन (25 अगस्त) 4 बजकर 15 मिनट तड़के तक रहेगी।
दृश्य गणित के पंचांगों के अनुसार 23 अगस्त को सुबह 8 बजकर 8 मिनट पर अष्टमी तिथि आ रही है जो 24 अगस्त को सुबह 8:31 तक रहेगी। इस हिसाब से वैष्णव संप्रदाय तो 24 अगस्त को जन्माष्टमी मना रहा है, जबकि स्मार्त लोग 23 अगस्त को मना रहे हैं।
वहीं जो प्राचीन गणित के पंचांग हैं उनके अनुसार 23 अगस्त को ही अष्टमी तिथि है। यह अष्टमी तिथि 23 अगस्त की तड़के 3:15 पर लग रही है जो 24 अगस्त को देर रात 2:51 पर खत्म हो जाएगी।