फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी शिक्षकों के बाद अब अनुदेशकों की कुंडली खंगाल रहा विभाग, मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत

Thu, 22 Aug 2019 02:29 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
विज्ञापन
investigation
विज्ञापन
उच्च प्राथमिक स्कूलों में वर्षों से कार्यरत अनुदेशकों के अभिलेखों की जांच की जाएगी। शासन के निर्देश के बाद विभाग ने अभिलेखों की जांच का निर्णय लिया है। बीएसए कार्यालय में अनुदेशकों के अभिलेखों की जांच के लिए डाटा तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन

 
उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत अनुदेशकों की मुख्यमंत्री पोर्टल पर हो रही शिकायतों के बाद विभाग ने उनके अभिलेखों के सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह के निर्देश पर दो सदस्यी टीम सत्यापन का कार्य करेगी।

इसके लिए डाटा जुटाया जा रहा है। अनुदेशकों की नियुक्ति की फाइलें खंगाली जा रही हैं। अचानक सात वर्ष बाद शुरू हुई अभिलेखों की जांच की जानकारी मिलते ही अनुदेशकों में हलचल तेज हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायतों के बाद मिले निर्देश 
जिले में कार्यरत कुछ अनुदेशकों के अभिलेख फर्जी होने की शिकायतें लगातार मुख्यमंत्री पोर्टल पर की जा रही थीं। जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लेते हुए बीएसए से जानकारी मांगी। बीएसए ने जब अपने कार्यालय में जानकारी जुटाई तो पता चला कि अनुदेशकों के अभिलेखों की जांच नियुक्ति के बाद आज तक कराई ही नहीं गई। 

100 स्कूलों में कार्यरत हैं 203 अनुदेशक 
वर्ष 2011-12 में जिले के 100 उच्च प्राथमिक विद्यालय में तीन-तीन अनुदेशकों के चयन का निर्णय लिया गया था। जिसमें 265 अनुदेशकों की नियुक्ति हुई थी। धीरे-धीरे अनुदेशकों की संख्या कम होती चली गई। वर्तमान में 100 स्कूलों में मात्र 203 अनुदेशकों की तैनाती है। जिन्हें सात हजार रूपये मानदेय के रूप में मिलता है। 

विजय प्रताप सिंह, बीएसए का कहना है कि विभागीय निर्देशों के अनुसार अनुदेशकों के अभिलेखों की जाचं कराने का निर्णय लिया गया है। शीघ्र ही अभिलेखों का सत्यापन का कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें