वैशाख पूर्णिमा का महत्व और पुण्य लाभ
आचार्य पंडित राहुल वशिष्ठ ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार वैशाख मास की पूर्णिमा को समुद्र मंथन के बाद दैत्यों के संहार के बाद समस्त साम्राज्य देवताओं को प्राप्त हुआ था। यह तिथि समस्त पापों का नाश करने वाली, पुत्र-पौत्रादि का फल देने वाली है। इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य को भगवान विष्णु के चरणों में स्थान मिल जाता है।
संकल्प लेकर करें दान
आचार्य पंडित राहुल वशिष्ठ ने बताया कि वैशाख पूर्णिमा पर गंगा स्नान कर वस्त्र, आभूषण, गौ, भूमि, तिल, स्वर्ण, ऋतुफल, दक्षिणा और जलापूरित पात्र आदि का संकल्प लेकर दान करना चाहिए। गंगा स्नान एवं दान करने के लिए पुण्य काल सूर्योदय से 9:43 तक है।