अनामिका शुक्ला नाम से फर्जीवाड़ा करने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस राज नाम से ढूढ़ रही थी, लेकिन उसका असली नाम कुछ और ही निकला। कासगंज पुलिस ने गुरुवार को मास्टरमाइंड के भाई को गिरफ्तार किया तो इस राज का पर्दाफाश हुआ। पुलिस की पूछताछ में उसने राज का असली नाम बताया और फर्जी शिक्षिकों की तैनाती से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
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मास्टरमाइंड का भाई जसवंत
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज जिले की सोरों पुलिस ने जसवंत नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। यह मैनपुरी के भोगांव क्षेत्र के नगला खरा का रहने वाला है। इसका भाई पुष्पेंद्र अनामिका प्रकरण का मास्टरमाइंड है। इसका ही नाम राज है, यही नाम कासगंज से गिरफ्तार फर्जी शिक्षिका सुप्रिया ने पुलिस को बताया था। राज के अलावा पुष्पेंद्र नीतू और गुरुजी नाम से भी जाना जाता है।
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आरोपी जसवंत को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि गिरफ्तार जसवंत कन्नौज जिले के एक स्कूल में विभव नाम से नौकरी कर रहा है। जसवंत बीए सेकंड ईयर तक पढ़ा हुआ है। इसने फर्जी दस्तावेजों लगाकर शिक्षक की नौकरी पाई है। वर्तमान में वो स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर तैनात है।
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आरोपी जसवंत से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
जसवंत ने पुलिस को बताया कि उसका भाई पुष्पेंद्र ही राज है। पुष्पेंद्र गिरोह चलाता है, जो फर्जी डिग्रियों के आधार पर लोगों को शिक्षक की नौकरी दिलाता था। ये गिरोह प्रदेश के कई जिलों में कस्तूरबा व प्राइमरी विद्यालयों में 20 से अधिक फर्जी शिक्षकों को तैनाती दिला चुका है। इस गिरोह के तार पूर्वांचल तक जुड़े हुए हैं।
पुष्पेंद्र ने ही अपने भाई जसवंत को फर्जी दस्तावेजों से शिक्षक पद पर नौकरी दिलवाई थी। पुष्पेंद्र कहां है, इसके बारे में अभी तक पुलिस को जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस जसवंत से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पुष्पेंद्र को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।