अनामिका नाम से फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज के गांव रजपालपुर निवासी सुप्रिया को कासगंज के कस्तूरबा विद्यालय में नौकरी दिलाने वाला गायब हो गया है। इसका सुराग न तो पुलिस को मिल रहा है और न ही शिक्षा विभाग को।
अनामिका शुक्ला नाम से फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज के गांव रजपालपुर निवासी सुप्रिया को कासगंज के कस्तूरबा विद्यालय में नौकरी दिलाने वाला मास्टरमाइंड गायब हो गया है। इसका सुराग न तो पुलिस को मिल रहा है और न ही शिक्षा विभाग को। मास्टरमाइंड शिक्षक और सुप्रिया सोशल मीडिया से दूर रहते थे। दोनों का न तो फेसबुक अकाउंट है और न ही व्हाट्सएप मोबाइल नंबर। इसलिए आरोपी शिक्षक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है।
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अनामिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक मास्टरमाइंड शिक्षक कायमगंज में ही तैनात है, लेकिन उसकी कोई फोटो आदि न होने से पहचान नहीं हो पा रही है। वो सोशल मीडिया से दूर रहता था और सुप्रिया को भी यही हिदायत दे रखी थी। दोनों में किसी की भी फेसबुक आईडी नहीं है। पता चला है कि सुप्रिया के भाई-बहन भी पढ़े-लिखे हैं और स्मार्ट फोन का भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर एकाउंट किसी का नहीं है। इसके पीछे भी मास्टरमाइंड की ही सलाह मानी जा रही है।
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अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
मास्टरमाइंड खुद को जनपद मैनपुरी के थाना भोगांव के गांव नगला खार का निवासी बताता था। कासगंज पुलिस वहां भी डेरा डाले हुए है। उधर, फर्रुखाबाद के बीईओ शिवशंकर मौर्य ने बताया कि अभी तक उनसे कासगंज पुलिस ने संपर्क नहीं किया है। यदि पुलिस शिक्षक का फोटो दिखा देती है तो उसका सारा रिकॉर्ड मिल जाएगा।
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बीएसए को मूल प्रमाण पत्र देतीं अनामिका शुक्ला।
- फोटो : amar ujala
शिक्षक के गोंडा के कॉलेजों से जुड़े हैं तार
मास्टरमाइंड शिक्षक के तार गोंडा के कॉलेजों से भी जुड़े हैं। वह घर बैठे गोंडा से डिग्रियां दिलाने में भी माहिर बताया जा रहा है। बताया गया कि वह सुप्रिया को नौकरी दिलाने के बाद गोंडा के एक कॉलेज से बीएड भी करा रहा था। प्रदेश भर में अनामिका नाम से नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिकाओं का भंडाफोड़ हुआ तो गोंडा में असली अनामिका वहां बीएसए के सामने पेश हो गई। असली अनामिका आज तक बेरोजगार है। अनामिका ने गोंडा के कॉलेजों से सभी डिग्रियां हासिल की हैं।
फर्जी शिक्षिका सुप्रिया के पिता ने भी बताया कि बेटी गोंडा से बीएड कर रही है। इसमें भी मास्टर माइंड शिक्षक का ही नाम आ रहा है। माना जा रहा है कि शिक्षक सुप्रिया के बीएड कर लेने के बाद उसे असली नाम से ही नौकरी दिलाने के जुगाड़ में था। लेकिन सुप्रिया की गिरफ्तारी से सारे मंसूबों पर पानी फिर गया। इससे यह स्पष्ट है कि मास्टर माइंड शिक्षक की गोंडा के कॉलेज में भी अच्छी पकड़ है।