सुबह 10:35 पर डूबे हुए सचिन का शव बरामद कर लिया गया। दोपहर में 12:10 पर दीपक भी मिल गया। 3 घंटे बाद गजेंद्र को ढूंढ लिया गया। सबसे आखिर में हरेश मिला। वह गहरे गड्ढे में सबसे नीचे मिट्टी के नीचे दबा हुआ था। उसे तलाशने के लिए स्कूबा डाइवर को 3 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा।
चारों के शव मिलने पर नदी के किनारे पर मौजूद परिवार वालों में कोहराम मच गया। सभी फूट-फूट कर रोने लगे। उन्हें परिवार वालों ने किसी तरह संभाला। घटनास्थल पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगाली सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि विसर्जन के दौरान डूबे सभी युवकों के शव नदी से बरामद कर लिए गए। इस पूरी कवायद के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने एक साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया था।
यह डूबे थे
ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओके उर्फ ओकेश (16), सचिन (26), गजेंद्र (17), मनोज (14), वीनेश (18), करन (21) और दीपक (15) डूब गए थे।
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