फोटो। शक्ति रसोई में काम करती ऊषा और उसकी सहयोगी। श्रोत संस्था
आगरा। दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सरकारी कार्यालयों में संचालित शक्ति रसोई सस्ता और शुद्ध भोजन के साथ महिलाओं को रोजगार भी दे रही है। आगरा नगर निगम परिसर में चल रही शक्ति रसोई इसकी मिसाल है।
कछपुरा क्षेत्र की रहने वाली ऊषा की जिंदगी में इस योजना से बड़ा बदलाव आया है। शासन की पहल से प्रेरित होकर ऊषा ने सुनीता और सुमर्थी देवी के साथ मिलकर प्रज्ञा स्वयं सहायता समूह का गठन किया। नगर निगम और शासन के सहयोग से उन्होंने शक्ति रसोई की शुरुआत की है। बताया कि सीएसआर फंड से रसोई के लिए फर्नीचर और आधुनिक किचन उपकरण उपलब्ध कराए गए। नगर निगम प्रशासन ने उपयुक्त स्थान और आवश्यक संसाधन दिए। अब यहां चाय, नाश्ता और घर जैसा भोजन सस्ती दर पर मिल रहा है।
ऊषा बताती हैं कि शक्ति रसोई से प्रतिमाह लगभग 50 हजार रुपये की बिक्री हो रही है, जिससे उन्हें 10 से 12 हजार रुपये की बचत हो जाती है। इससे वह अपने परिवार के साथ अन्य दो परिवारों को भी सशक्त बना रही हैं। अपर नगर आयुक्त एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी डूडा शिशिर कुमार ने बताया कि सरकार का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। संवाद