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ट्रंप का 50% टैरिफ: कारोबारियों को 1200 करोड़ का झटका, जूता व मार्बल के ऑर्डर रुक गए

Sat, 09 Aug 2025 12:54 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ से आगरा के कारोबारियों को 1200 करोड़ का बड़ा झटका लगा है। आगरा से जूता और मार्बल के ऑर्डर रुक गए हैं। 
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टैरिफ - फोटो : Amar Ujala digital
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने से आगरा के जूता और मार्बल उद्योग पर सीधा असर पड़ा है। इससे उद्यमियों ने 1200 करोड़ रुपये के जूता-मार्बल के ऑर्डर की आपूर्ति रोक दी है। नए ऑर्डर भी नहीं ले रहे हैं। उद्यमियों को भारी नुकसान की आशंका है।
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फुटवियर एवं चर्म उद्योग विकास परिषद, भारत सरकार के चेयरमैन पूरन डावर का कहना है कि आगरा से अमेरिका में जूता कारोबार बीते दो-तीन साल से ही शुरू हुआ है। यहां से चमड़ा, सिंथेटिक जूता का करीब 300 करोड़ का व्यापार होता है। 50 फीसदी टैरिफ से जूता डेढ़ गुना महंगा हो जाएगा। ऐसे में अधिकांश निर्यातकों ने जूता के ऑर्डर रोक दिए हैं, नए ऑर्डर लेने से भी बच रहे हैं।

 

उन्होंने बताया कि फैक्टरियों में कितना जूता बन गया है, कितना अधूरा है, इसकी भी रिपोर्ट जुटा रहे हैं। अमेरिका की इस मनमानी से जूता कारोबार को नुकसान जरूर हो रहा है, लेकिन सरकार बेहद सक्रिय है। उम्मीद है कि जल्द टैरिफ पर कोई निर्णय हो और वह 15 फीसदी तक सिमट सकता है।

 

हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अस्थाना ने बताया कि हैंडीक्राफ्ट का 80 फीसदी व्यापार अमेरिका से होता है। 900 करोड़ रुपये का अमेरिका से सीधा व्यापार है। टैरिफ के चलते हैंडीक्राफ्ट के ऑर्डरों को फिलहाल रोक दिया है। निर्माण प्रक्रिया भी बेहद धीमी कर दी है। अगर जल्द इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो कारोबार को बेहद झटका लगेगा।

 

नए देशों से बढ़ेगा व्यापार
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के संरक्षक दिलीप खूबचंदानी ने बताया कि बढ़े हुए टैरिफ के चलते जूता निर्माण प्रक्रिया बेहद कम कर दी है। पुराने ऑर्डर की आपूर्ति भी नहीं कर रहे हैं, इनको अभी रोक लिया है। जल्द ही नए देशों से व्यापार और टैरिफ संकट खत्म नहीं हुआ तो जूता कारोबार को तगड़ा नुकसान होगा।

 
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अमेरिका भी होगा प्रभावित
नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति मनमानी कर 50 फीसदी टैरिफ किया है। इससे अमेरिका भी प्रभावित होगा और वहां भी इसका विरोध हो रहा है। भारत सरकार से अपील है कि नए देशों से व्यापारिक संबंध बढ़ाए और व्यापारियों को जीएसटी में छूट देकर राहत दे।
 
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