मंदिर के शिखर पर कलश मोबाइल टावर की तरह का काम करता है। भक्त जब मंदिर में पूजा-पाठ और अनुष्ठान करते हैं तो उसकी सकारात्मक ऊर्जा कलश के माध्यम से संपूर्ण समाज को वैभव और समृद्धि प्रदान करती है। नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। यह उद्गार मुनि विहर्ष सागर महाराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शालीमार एन्क्लेव, कमला नगर में व्यक्त किया।
शुक्रवार को मंदिर के शिखर और वेदी पर कलशारोहण कार्यक्रम मुनि विहर्ष सागर और मुनि विहसंत सागर के सानिध्य में हुआ। प्रतिष्ठाचार्य जिनेंद्र कुमार शास्त्री का निर्देशन रहा। शिखर पर मुख्य कलश योगेश कुमार, राजकुमार सिंघई परिवार ने किया। ध्वज पुष्पा बैनाड़ा परिवार और मध्यम चार कलश स्थापित करने का सौभाग्य पद्म चंद, विनोद कुमार परिवार को प्राप्त हुआ।
बारह अन्य जिनालयों पर स्वर्णिम कलश शैलेंद्र जैन-संगीता, राजेश-प्रतीक, अजय-मीनू, विनोद-सुमन, संजय-नीति, रेनू जैन कावेरी, संगीता जैन कावेरी, एस के जैन, मुख्य वेदी पर विमल जैन-आभा जैन, योगेश जैन-मधु जैन को कलश स्थापित करने का सौभाग्य मिला। इस दौरान राजू, मुकेश रपरिया, एसबी जैन, राजकुमार जैन, रूपचंद जैन आदि मौजूद रहे। शनिवार को विश्व शांति महायज्ञ के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।