10 घंटे पढ़ाई, फिर सफलता पाई: कांची
कमला नगर में रहने वाली कांची सिंघल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा के लिए छात्र-छात्राएं लक्ष्य तो बना लेते हैं, लेकिन उसे पूरा करने के लिए लगन और धैर्य की भी जरूरत है। कई बार सफल नहीं होते, इसका मतलब ये नहीं कि हार मान लें। तीसरी बार में उन्होंने यूपीएससी में सफलता मिली है।
उन्होंने बताया कि सेल्फ स्टडी और मॉक टेस्ट से तैयारी में काफी मदद मिली। औसतन रोजाना वह 10 घंटे पढ़ाई करती हैं। बाकी के समय में सामान्य जीवन जीती हैं। इनके कारोबारी पिता अतुल सिंघल और मां श्रुति सिंघल का कहना है कि बेटा-बेटी को समान मौके दिए जाएं तो बेटियां भी परिवार का नाम रोशन करती हैं। यह मेरी बेटी ने साबित कर दिया।
सैंया के टीकम वर्मा की 373 वीं रैंक
सैंया क्षेत्र के ग्राम जौनई निवासी कैप्टन विनोद वर्मा के पुत्र टीकम सिंह वर्मा ने यूपीएससी परीक्षा 2021 मे 373 वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले वर्ष 2019 की यूपीएससी परीक्षा में भी टीकम सिंह वर्मा ने 391 रैंक पाई थी। परिववारवालों के मुताबिक अभी टीकम सिंह आईपीएस की ट्रेनिंग कर रहे हैं। टीकम सिंह के पिता कैप्टन विनोद वर्मा सेना से सेवानिवृत्त हैं और दिल्ली में रहते हैं। मां संजू देवी गृहिणी हैं। बड़ी बहिन करिश्मा वर्मा हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।