आगरा में ताजमहल पर प्रदूषण के असर और पीलेपन से निपटने के लिए किए जा रहे मडपैक ट्रीटमेंट पर अमेरिकी वेबसाइटों ने दुष्प्रचार शुरू किया है कि साल 2018 में सैलानी ताजमहल देखने न जाएं। मडपैक के कारण यहां जाना मुनासिब नहीं है।
अमेरिकी वेबसाइटों के दुष्प्रचार को अमर उजाला ने उजागर किया तो पर्यटन मंत्रालय हरकत में आया और अब ताजमहल की वेबसाइट समेत पर्यटन वेबसाइटों पर मडपैक के दौरान ताज बंद न होने की सफाई दी है और पर्यटकों से ताज की खूबसूरती एवं वास्तुकला देखने का आह्वान किया है।
पर्यटन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न पर्यटन वेबसाइटों पर अमेरिकी दुष्प्रचार का जवाब देना शुरू किया है। ताजमहल की आधिकारिक वेबसाइट
www.tajmahal.gov.in पर क्लिक करते ही होम पेज से पहले ही मैसेज आ रहा है।