उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति पोर्टल का सर्वर दिनभर डाउन रहा। इससे करीब 300 स्कूल-कॉलेज अपना मास्टर डाटा अपलोड नहीं कर सके। बुधवार को इसकी अंतिम तारीख थी। अब यदि पोर्टल नहीं खोला गया तो छात्रों को दिक्कत हो जाएगी। उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिल सकेगी।
छात्रवृत्ति पोर्टल पर 23 जुलाई से आवेदन शुरू हो गए थे। शुरुआत में शिक्षण संस्थानों ने डाटा अपलोड कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालात यह रहे कि 2 अगस्त तक मात्र 47 विद्यालयों ने अपना मास्टर डाटा अपलोड किया था। अंतिम तिथि 5 अगस्त होने का हवाला देकर तीन दिन पहले समाज कल्याण विभाग ने संस्थानों को नोटिस भेजा। इसके बाद सक्रियता बढ़ी लेकिन अंतिम तारीख को सर्वर डाउन होने से 300 संस्थान अपना मास्टर डाटा अपलोड नहीं कर सके।
समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह ने बताया कि अंतिम तिथि होने के कारण दिनभर सर्वर धीमी गति से चला। करीब 300 विद्यालय अभी भी मास्टर डाटा अपलोड करने से बच गए हैं। बिना मास्टर डाटा अपलोड किए संस्थान के छात्र छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं।