आगरा के थाना एत्माद्दौला के दरोगा ने प्रतिवादी से मुकदमे से धारा हटाने के लिए रिश्वत ले ली। प्रतिवादी को थाने बुलाने पर मामला बिगड़ गया। विवाद हो गया। उसने दरोगा की शिकायत एसएसपी प्रभाकर चौधरी से की। मामले में जांच कराई गई। जांच में आरोप की पुष्टि होने पर एसएसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक ने चौथ वसूली, गाली गलौज और धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है।
ये है मामला
एत्माद्दौला क्षेत्र की खुशबू ने तीन अगस्त को मथुरा के औरंगाबाद स्थित नरसी पुरम निवासी पति संजय, ससुर रनवीर और सास शिवकुमारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें दहेज उत्पीड़न, जानलेवा हमला, अपराधिक साजिश और गर्भपात कराने की धारा लगी थीं। विवेचक एसआई मनवीर सिंह थे। विवेचक ने जानलेवा हमला और गर्भपात कराने की धारा हटाकर दहेज उत्पीड़न की धारा में चार्जशीट लगा दी। 41 सीआरपीसी का नोटिस तामील कराने के लिए संजय को थाने बुलाया गया।
इसलिए हुआ था विवाद
थाने में संजय के वीडियो बनाने को लेकर पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया। पुलिस वालों ने वीडियो डिलीट करा दिया। इससे नाराज संजय ने एसएसपी से शिकायत की। आरोप लगाया कि विवेचक एसआई मनवीर सिंह ने धारा हटाने के नाम पर उससे 50 हजार रुपये लिए थे। थाने बुलाकर गालीगलौज और जान से मारने की धमकी दी। एसएसपी ने सीओ छत्ता से जांच कराई।