मथुरा के सदर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद की बलदेवपुरम कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात सिपाही राजवीर सिंह (43) ने फंदा लगाकर जान दे दी। यह आगरा में डायल 112 में तैनात थे। आत्महत्या करने की वजह जानने के लिए पुलिस छानबीन कर रही है।
बुलंदशहर के थाना बीवी नगर स्थित जाटवान मोहल्ला निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि उनके छोटे भाई हेड कांस्टेबल राजवीर सिंह बलदेवपुरम काॅलोनी में किराए पर रहते थे। उनकी पत्नी रत्ना देवी की मां का 18 मार्च को अलीगढ़ में देहांत हो गया। इससे पत्नी, बेटी दौरवी और बेटा शिवांश मायके अलीगढ़ गए थे। बृहस्पतिवार को भाई आगरा में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो साथियों ने मोबाइल पर फोन किया, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।
रात एक बजे के करीब पड़ोसियों ने छत के रास्ते घर में कूदकर देखा तो शव फंदे से लटका था। पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन शव को बुलंदशहर ले गए।सीओ सिटी भूषण वर्मा ने बताया कि आगरा में पुलिस स्टाफ और मथुरा में पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस में 2011 में हुए थे भर्ती
भाई विक्रांत सिंह ने बताया कि 2011 में राजवीर सिंह पुलिस में भर्ती हुए थे। पोस्टिंग मथुरा में हुई। एक साल पहले आगरा गए थे। इनकी शादी 12 साल पहले अलीगढ़ में हुई थी। यह अपने परिवार के साथ अलग रहते थे। हालांकि दोनों में किसी बात का विवाद नहीं था। आत्महत्या करने की वजह समझ से परे है।
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एंबुलेंस के आगे लेटी पत्नी, जेठों पर लगाया आरोप
हेड कांस्टेबल राजवीर की पत्नी रत्ना देवी ने अपने जेठ विक्रम सिंह, गुड्डू और विजय पर परेशान करने का आरोप लगाया है। वह पोस्टमार्टम हाउस पर एंबुलेंस के आगे लेट गईं। रत्ना देवी ने बताया कि उनका 100 गज का प्लॉट है। उस प्लाॅट को बेचने के लिए तीनों जेठ लगातार दबाव बना रहे थे। इससे पति काफी परेशान थे। हालांकि सीओ सिटी का कहना है कि महिला तहरीर देगी तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।