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विवेक तिवारी केस के बाद पुलिस ने छात्रा को बताया चरित्रहीन, आबरू बचाने को कूदी थी छत से

Mon, 01 Oct 2018 12:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला एटा
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यूपी पुलिस
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यूपी पुलिस के कारनामे थम नहीं रहे हैं। जहां राजधानी लखनऊ में खाकी पर लगे खून के धब्बे छिपाने को पुलिस ने विवेक तिवारी का चरित्र हनन कर दिया था। वहीं एटा में आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय पुलिस ने पीड़िता को चरित्रहीन बता डाला। 
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दरअसल, जैथरा क्षेत्र में अपनी अस्मत बचाने के लिए छात्रा छत से कूद गई थी। वो घायल हैं। इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई करने की बजाय छात्रा को पागल और चरित्रहीन बता रही है। इससे पीड़िता के परिजन दुखी हैं। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। 

घटना 29 सितंबर की है। नाबालिग छात्रा अपने घर में अकेली थी। तभी दो युवकों ने घर में घुसकर उसके साथ रेप करने का प्रयास किया। छात्रा ने अपनी अस्मत बचाने के लिए छत से छलांग लगा दी। इससे वो गंभीर रूप से घायल हो गई। 
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अस्पताल में भर्ती है छात्रा

परिजनों ने घायल छात्रा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार ने थाना में दर्ज कराई, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने की बजाय पीड़िता को ही गलत साबित करने पर तुली है। 

घटना के दूसरे दिन रविवार को भी पुलिस ने मामले में कार्रवाई करना तो दूर उसकी जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा। पुलिस मामले की लीपापोती कर छात्रा का मानसिक संतुलन और चरित्र खराब बताकर परिवार को ठेस पहुंचा रही है। 

पुलिस की कार्यप्रणाली से लोगों में आक्रोश है। पीड़िता के परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड में भी पुलिस ने उनके चरित्र पर सवाल उठाए थे। इससे महकमे की खूब किरकिरी हो रही है। 
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