यूपी पुलिस के कारनामे थम नहीं रहे हैं। जहां राजधानी लखनऊ में खाकी पर लगे खून के धब्बे छिपाने को पुलिस ने विवेक तिवारी का चरित्र हनन कर दिया था। वहीं एटा में आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय पुलिस ने पीड़िता को चरित्रहीन बता डाला।
दरअसल, जैथरा क्षेत्र में अपनी अस्मत बचाने के लिए छात्रा छत से कूद गई थी। वो घायल हैं। इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई करने की बजाय छात्रा को पागल और चरित्रहीन बता रही है। इससे पीड़िता के परिजन दुखी हैं। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
घटना 29 सितंबर की है। नाबालिग छात्रा अपने घर में अकेली थी। तभी दो युवकों ने घर में घुसकर उसके साथ रेप करने का प्रयास किया। छात्रा ने अपनी अस्मत बचाने के लिए छत से छलांग लगा दी। इससे वो गंभीर रूप से घायल हो गई।