आगरा के थाना ताजगंज में छेड़छाड़ का मुकदमा बिना जांच पड़ताल के दर्ज कर लिया गया। आरोपी पक्ष का कहना है कि पहले झूठे आरोप लगाकर मुकदमा कराया गया। इसमें आरोपी बनाए गए एक व्यक्ति की 10 साल पहले मौत हो चुकी है। अब पुलिस दबिश देकर उसे सामने लाने के लिए दबाव बना रही है।
थाना ताजगंज क्षेत्र की महिला ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उसकी दो बेटियां 12वीं की छात्राएं हैं, उन्हें पड़ोसी राकेश और उसके परिवारीजन परेशान करते हैं, उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं।
नौ दिसंबर को तांगा स्टैंड पर चार लोगों ने बेटियों को रोक लिया और उनसे अश्लील हरकत की। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। शिकायत करने पर तेजाब डालने की धमकी दी। इसकी शिकायत आरोपी युवकों के घर पर की तो उन्होंने हमला बोल दिया। पीड़िता को घर में घुसकर पिटाई लगाई।
इस मामले में पीड़िता ने एसएसपी आफिस में शिकायत की। इसके बाद थाना ताजगंज पुलिस ने 19 दिसंबर को राकेश, ईश्वरी प्रसाद, पप्पू, गौरव, सौरभ, सुनीता, किरन, अंजली और राधेलाल के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया।
गुरुवार को आरोपी पक्ष के लोग एसएसपी आफिस आए। उनका कहना था कि झूठा आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में आरोपी बनाए गए राधेलाल की 10 साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस ने बिना जांच के मुकदमा दर्ज कर लिया। मामूली मारपीट हुई थी।
उधर, इंस्पेक्टर थाना ताजगंज ने बताया कि मुकदमे में आरोपी बनाए गए व्यक्ति मर चुका है या नहीं? यह जांच का विषय है। जिस महिला ने मुकदमा दर्ज कराया है। उस पर पहले से मारपीट का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।