मैनपुरी के गांव औडे़न्य पड़रिया में मंगलवार को खेत पर जा रहे किसान और परिजन पर जानलेवा हमला की घटना को इंस्पेक्टर कोतवाली में दबाव बनाकर बदलवा लिया। पूरी घटना को अब पशु हत्या की धारा तक सीमित कर मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित का कहना है कि वह क्या कर सकता था। उस पर इतना दबाव डाला गया कि वह दूसरी तहरीर लिखने पर विवश हो गए।
कोतवाली क्षेत्र के गांव औडे़न्य पड़़रिया निवासी किसान अनिल चौहान ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि मंगलवार की शाम को परिवार के मनोज, अभिमन्यु व अन्य के साथ खेत की ओर जा रहे थे। तभी रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठे गांव निवासी आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था। लाइसेंसी बंदूक से कई फायर किए। वह लोग तो किसी तरह बच गए लेकिन पालतू कुत्ते की गोली लगने से मौत हो गई। इस मामले में एसपी ने कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन बुधवार की शाम तक तहरीर कोतवाली आते ही माहौल बदल गया। पीड़ित अनिल चौहान पर अचानक तहरीर बदलने का दबाव बनाया जाने लगा। शिकायतकर्ता से दबाव बना कर एक तहरीर लिखाई गई जिसमें कौैशलेंद्र सिंह पर कुत्ते को गोली मारने का आरोप लगाया गया।
इसी तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। जबकि अनिल की असली तहरीर को गायब कर दिया गया। अनिल चौहान ने बताया कि वह करते भी तो क्या करते। इंस्पेक्टर खुद उन पर दबाव बना रहे थे। वह बुरी तरह से फंस चुके थे। आखिरकार कोतवाली पुलिस ने झूठ को ही सच बना लिया। जानलेवा हमला की घटना को पशु हत्या में दर्ज किया गया है।