आगरा के सिकंदरा तिराहे पर गैस टैंकर की टक्कर से घायल हुए 28 वर्षीय सुरेंद्र कुमार की जिंदगी का दीपक खाकी ने बुझने से बचा लिया। दरोगा कपिल और नीरज ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायल को 15 मिनट में अस्पताल पहुंचाया। जान बचाने के लिए रक्तदान कर जिम्मेदारी भी निभाई। चिकित्सकों ने भी खाकी वालों के इस प्रयास को काफी सराहा।
घटना बृहस्पतिवार रात 9:30 बजे की है। बड़ा गांव, टीकमगढ़ निवासी सुरेंद्र कुमार बाईंपुर में किराए के मकान में रहते हैं। वह राजमिस्त्री हैं। बाइक से घर जा रहे थे। सिकंदरा तिराहे से जैसे ही बाइक को मथुरा की तरफ मोड़ा, वैसे ही गुरुद्वारा की ओर से आते तेज रफ्तार टैंकर ने चपेट में ले लिया। वह बाइक सहित टैंकर के अगले हिस्से में दब गए। सिर, हाथ और जांघ में चोट लगी। नाक-जांघ से खून निकलने लगा। हादसे के बाद लोगों की भीड़ लग गई मगर सभी जान बचाने के प्रयास के बजाय तमाशबीन बने रहे। एक राहगीर ने 112 पर कॉल किया।
सूचना पर बाईंपुर में चेकिंग पर निकले दरोगा कपिल कुमार सिजोरिया और नीरज कुमार बाइक से पहुंचे। उन्होंने घायल को देखकर मदद करने में देरी नहीं की। उन्होंने रास्ते से निकल रहे एक ऑटो को रोका। इसमें घायल को बैठाने के बाद 500 मीटर की दूरी पर गेटवेल अस्पताल ले गए। मगर यहां पर वेंटीलेटर नहीं था। चिकित्सक ने दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। पुलिसकर्मी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हाईवे स्थित जीवन हॉस्पिटल लाए। रात 12 बजे घायल के लिए एक यूनिट रक्त की आवश्यकता बताने पर कपिल कुमार ने रक्तदान किया। इससे शुक्रवार सुबह तक घायल की हालत में सुधार हो गया। 15 मिनट में अस्पताल पहुंचने की वजह से घायल की जान बच गई।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि झांसी के मऊरानीपुर निवासी दरोगा कपिल कुमार और हमीरपुर के नीरज वर्ष 2023 में भर्ती हुए थे। वर्तमान में सिकंदरा थाना में तैनात हैं। दोनों को प्रशस्ति पत्र दिलाया जाएगा। हादसा करने वाला गैस टैंकर बरेली नंबर का है। वह खाली था। मथुरा की तरफ जा रहा था। चालक भाग गया। घायल का इलाज चल रहा है। परिजन के आने पर तहरीर लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।