आगरा में अपहरण जैसे संगीन अपराध में पुलिस ने असली अपराधी को बचाने के लिए बेकसूर युवक को जेल भेज दिया। वह भी मुठभेड़ की फर्जी कहानी बनाकर ताकि वो आसानी से जेल से बाहर न आ पाए।
केस के ट्रायल के दौरान पुलिस की यह करतूत सामने आने पर कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया। तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट के आदेश दिए हैं। एसएसपी को दरोगा पर विभागीय कार्रवाई के लिए भी लिखा गया है।
यह था मामला
12 फरवरी 2002 को आगरा के पिंढौरा थाना के राटौरी गांव से मायाराम के पुत्र हरिओम उर्फ कल्ला का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। 11 लाख 51 हजार 101 रुपये की फिरौती मांगी थी।
पुलिस की जांच में अपहरण करने वाले की पहचान कानपुर देहात के गजनेर के सैंया के बबलू उर्फ टाइगर उर्फ जितेंद्र पुत्र शिव प्रकाश के रूप में हुई। फरार होने के कारण एसएसपी ने उस पर इनाम भी घोषित किया।