नई नवेली दुल्हन ने नहीं उतारे पैर की बिछिया
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एटा में पुलिस भर्ती परीक्षा में निर्देश थे कि अभ्यर्थी आभूषण आदि पहनकर न आए। इसके बाद भी तमाम लोग केंद्र पर यह सब पहनकर पहुंचे। केंद्र पर प्रवेश के समय यह सामान उतरवा लिया गया। यहां तक कि महिला अभ्यर्थियों के बिछिया भी उतरवा दिए गए। निधौली कलां में बने केंद्र पर एक नवविवाहिता ने सुहाग की निशानी बिछिया उतारने से इन्कार कर दिया और बिना परीक्षा दिए केंद्र से लौट गई।
परीक्षा देने केंद्र पर पहुंची पूजा ने बताया कि निधौली कलां में उसका केंद्र है। जहां परीक्षा देने आई। चेकिंग के दौरान पहले चूड़ी व मंगलसूत्र सहित कानों के कुंडल उतारने को कहा गया। मैंने सभी उतार दिए। दोबारा जब प्रवेश द्वार पर गई तो चेकिंग करने वालों ने बिछिया उतारने को भी कहा। मैंने सुहाग की निशानी बताते हुए बिछिया उतारने से मना कर दिया। इस पर केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। उसने बताया कि पुलिस विभाग में सेवा देना उसका सपना था। काफी समय से इसकी तैयारी भी कर रही थी। शादी अभी 14 फरवरी को ही हुई है। वह बीएड की छात्रा है। वहीं अन्य केंद्रों पर अभ्यर्थियों की अंगूठी, लॉकेट, बेल्ट, महिला अभ्यर्थियों के दुपट्टे सहित कलाइयों पर बंधे कलावा भी उतरवा दिए गए।
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सोमवार को शादी, कलाई पर बंधे कंगन से आपत्ति
शहर में बने एक केंद्र पर रविवार को परीक्षा के दौरान एक युवक शादी का शगुन वाला कंगन बांधकर परीक्षा देने पहुंचा। केंद्र पर पहुंचने के बाद चेकिंग हुई तो उससे कंगन उतारने को कहा गया। अभ्यर्थी ने बताया कि उसकी सोमवार को शादी है, इसलिए परंपरा के अनुसार कंगन बंधा है, जिसे शादी से पहले खोला नहीं जा सकता है, लेकिन चेकिंग करने वालों ने एक न सुनी। वह उनसे विनती करता रहा और परीक्षा छूटने के डर से रुआंसा हो गया। इस दौरान उच्चाधिकारी केंद्र पर पहुंचे। अभ्यर्थी न उनसे अनुरोध किया। उच्चाधिकारियों के सहमत होने पर उसे प्रवेश दिया गया।
ये बोले एडीएम प्रशासन
एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों का कलावा मोटा था। उसे खुलवाने के निर्देश दिए गए थे। आशंका थी कि मोटे कलावा में कोई आपत्तिजनक सामग्री छिपाकर ले जाई जा सकती है। जरी-जरदोजी आदि के काम वाले दुपट्टे उतरवाने के निर्देश थे।