थाना सदर पुलिस ने मोबाइल लूट और चोरी करने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनसे 29 मोबाइल और 912 सिम के साथ दो बाइक भी बरामद की हैं। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है।
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि मंगलवार रात को सदर क्षेत्र में सीओडी के पास से चार आरोपियों को पकड़ा। इनमें हाथरस के सादाबाद स्थित गंगा नगर निवासी अमन शर्मा, सरस्वती विहार निवासी राहुल उर्फ टिन्नी पंडित, मनीष लवानिया उर्फ टोल्टा और नगला परसोती निवासी मनीष सोनी हैं। उनकी तलाशी में 29 मोबाइल (एक कीपेड है), 912 सिम कार्ड, दो बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। उनके दो साथी सादाबाद निवासी विकास और अश्वनी फरार हो गए।
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वह सदर, ताजगंज और रकाबगंज क्षेत्र में मोबाइल चोरी और छिनैती की वारदात करते हैं। सिम खरीदते थे। आरोपियों से बरामद कुछ सिम चोरी के मोबाइल से निकले हुए हैं। अपाचे बाइक थाना एत्माद्दौला क्षेत्र से चोरी की थी। इस पर फर्जी नंबर लगाकर चला रहे थे। दूसरी बाइक परिचित की है। इससे मोबाइल लूट करते थे। 912 सिम के विषय में पुलिस आरोपियों से पड़ताल करेगी। यह कहां से आए हैं? यह फर्जी आईडी पर लिए गए हैं? यह उनके परिचितों की हैं। इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी में भी किया जा सकता है।
थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि आरोपी चोरी और लूट करते हैं। अमन, राहुल उर्फ टिन्नी और मनीष उर्फ टोल्टा आटो में बैठ जाते हैं। सवारियों की जेब से मोबाइल निकाल लेते हैं। सुनसान रास्तों पर भी लोगों को निशाना बनाते थे। मोबाइल पर बात करते समय लोगों के हाथ पर झपट्टा मारते थे।
व्हाट्स एप पर फोटो भेजकर तय होती थी कीमत
फरार आरोपी सादाबाद का अश्वनी भी वारदात में शामिल रहता था। उनका साथी मनीष सोनी मोबाइल को बिकवाता था। उसकी जान पहचान सादाबाद में मोबाइल की दुकान पर काम करने वाले विकास से है। लूट के बाद आरोपी मनीष के पास व्हाट्स एप पर फोटो भेजते थे। वो सादाबाद के विकास को भेजता था। वह कीमत तय करता था। 16 हजार का मोबाइल चार हजार तक में बेचते थे। अमन एक कंपनी में मार्केटिंग का काम करता है। बाकी तीन आरोपी कुछ नहीं करता है।