जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि प्रधानों के आरक्षण में आबादी का अनुपात और वर्ष 2015 में आरक्षित पद की स्थिति के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। शुक्रवार तक प्रस्तावों का काम पूर्ण हो जाएगा।
जिला स्तर पर शनिवार को अंतिम आरक्षण सूची जारी की जाएगी। जिले में 690 ग्राम प्रधान, 9180 पद ग्राम पंचायत सदस्य, 1257 पद क्षेत्र पंचायत सदस्यों और 51 वार्डों में जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए आरक्षण प्रस्तावित है।
प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहे 18 एआरओ से मांगा स्प्ष्टीकरण
आरबीएस कॉलेज में गुरुवार को 19 रिटर्निंग आफिसर (आरओ) एवं 220 सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहे। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि गैरहाजिर एआरओ से कल शाम तक स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने बताया कि 10 एआरओ ने बीमारी के कारण उपस्थिति नहीं हो पाने की बात कही है। उनसे चिकित्सीय परीक्षण व अन्य साक्ष्य मांगे हैं।
20 साल में चौथी बार महिला के हाथ में होगी कमान
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 20 साल में चौथी बार महिला के हाथ में कमान होगी। वर्ष 2001 में महिला पद पर भाजपा की प्रेमकुमारी अध्यक्ष चुनी गईं। वर्ष 2006 में अनुसूचित वर्ग महिला सीट से प्रेमवती सुमन और फिर पिछड़ा वर्ग से कुशल यादव ने बाजी मारी। वर्ष 2021 में फिर महिला के लिए आरक्षण होने से चौथी बार महिला अध्यक्ष चुनने का रास्ता साफ हो गया है।
तीन बार सपा, दो बार भाजपा का कब्जा
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर वर्ष 1995 से 2021 तक 7 बार चुनाव हो चुका है। तीन बार सपा और दो बार भाजपा का कब्जा रहा है। वर्ष 1995 में चंदन सिंह और वर्ष 2001 में प्रेमकुमारी परमार और वर्ष 2006 में प्रेमवती सुमन को छोड़ चार अध्यक्ष पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण नहीं कर सके।
भाजपा से प्रेमकुमारी और राकेश बघेल अध्यक्ष चुने गए। सपा से प्रेमवती सुमन, गणेश यादव, कुशल यादव अध्यक्ष बन चुकी हैं। एक बार बसपा से दौलतराम कुशवाह अध्यक्ष चुने गए थे।