त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बुधवार रात शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत प्रमुख के पदों के लिए आरक्षण का आवंटन कर दिया है। नई सूची के मुताबिक आगरा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर महिला होगी। पहले की सूची में यह अनारक्षित थी। वहीं, मथुरा में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अनारक्षित है।
आगरा में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर तीसरी बार महिला बैठेगी। इससे पहले दो बार इस कुर्सी को महिलाएं संभाल चुकी हैं। वर्ष 2015 पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग महिला आरक्षण की स्थिति में समाजवादी पार्टी (सपा) से कुशल यादव अध्यक्ष चुनी गई थीं।
भाजपा सरकार आने पर 2018 में अविश्वास प्रस्ताव पर 52 में से 36 सदस्यों के मत प्राप्त कर भाजपा से राकेश बघेल जीत गए। अब एक बार फिर जिला पंचायत अध्यक्ष पद महिला के पास होगा। आबादी के अनुपात में विकास खंड बार आरक्षण का निर्धारण जिला प्रशासन करेगा।
इन जिलों में सीट अनारक्षित
मथुरा को पूर्व की तरह ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अनारक्षित रखा गया है। क्षेत्र पंचायत पदों के लिए मथुरा के 10 ब्लॉक में अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति और महिलाओं के पदों पर भी आरक्षण संबंधी निर्देश जारी कर दिए हैं।
शासन के इस निर्देश के बाद पूर्व में किए गए आरक्षण निर्धारण में बदलाव होगा। जिला पंचायत अधिकारी प्रीतम सिंह ने बताया कि नए आरक्षण की घोषणा से प्रधान बीडीसी तथा जिला पंचायत सदस्य पद पर भी नए सिरे से आरक्षण तय करना होगा।
फिरोजाबाद, मैनपुरी और कासगंज की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सीट भी अनारक्षित है। एटा में यह सीट अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित की गई है। 2015 को आधार मानते हुए आरक्षण तय किए जाने के कारण अब ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्यों का आरक्षण बदल जाएगा।
पंचायत चुनाव का नया कार्यक्रम
- 18 से 19 मार्च तक: ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्यों के आरक्षण प्रस्ताव तैयार करना।
- 20 से 22 मार्च तक: ग्राम व क्षेत्र वार आरक्षण सूची का जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अंतिम प्रकाशन।
- 20 से 23 मार्च तक: आरक्षण के प्रस्ताव व सूची पर आपत्तियां प्राप्त की जाएगी।
- 24 से 25 मार्च तक: आपत्तियों का संकलन एवं कमेटी द्वारा निस्तारण करना।
- 26 मार्च: अंतिम आरक्षण सूची का सार्वजनिक प्रकाशन व प्रमुख स्थलों पर चस्पा करना।