कोर्ट-जज चैंबर में ठीक एक बजे ब्लास्ट करने के लिए 15 बम लगाए गए हैं। डीएमके तमिलनाडु के स्कूलों के पाठ्यक्रम से पैगंबर मुहम्मद के पाठ हटाने से रोके...। यह धमकी सोमवार आधी के रात बाद न्यायालय के आधिकारिक ईमेल पर आई। ईमेल देखने के बाद मंगलवार दोपहर दीवानी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। न्यायालय में कामकाज रोक दिया गया।
सूचना मिलने पर दोपहर 12 बजे पहुंची पुलिस ने तीन गेट से आवागमन बंद कर तलाशी शुरू कर दी। एडीसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक, एसीपी एलआईयू दिनेश कुमार बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों के साथ पहुंच गए। पुलिस और एसएसएफ ने परिसर को खाली कराकर चार घंटे तक तलाशी अभियान चलाया मगर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर राहत की सांस ली। अब धमकी भरा ईमेल भेजने वाले के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जनपद न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर कस्तरियान नाम से ईमेल भेजा गया। इसमें लिखा था कि ईमेल तमिलनाडु के स्कूलों के पाठ्यक्रम से पैगंबर मुहम्मद के पाठों को हटाने को लेकर है। इसके माध्यम से तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके के नेताओं को धमकी दी गई। मंगलवार सुबह रोज की तरह ईमेल चेक करने पर धमकी की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि सूचना मिलने पर पूरे परिसर को खाली कराकर प्रवेश बंद कर दिया गया था। बम निरोधक दस्ते ने पार्किंग में खड़े वाहन से लेकर न्यायिक अधिकारियों के चैंबर के पास खड़े वाहनों को चेक किया। परिसर में कर्मचारियों और वादकारियों को निकालकर चप्पा-चप्पा खंगाला गया। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक तलाशी चलती रही। अधिवक्ताओं के चैंबरों को भी देखा गया मगर कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
डीसीपी ने बताया कि ईमेल दक्षिण भारत के किसी जिले से भेजने की बात सामने आई है। इसमें आगरा को टारगेट नहीं किया गया। हालांकि, जानकारी मिली है कि वाराणसी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय को भी ईमेल किया गया है। ईमेल जिस आईडी से भेजा गया उसके आईपी एड्रेस की जानकारी जुटाई जा रही है।
हम सिर्फ प्राॅपर्टी और बिल्डिंग का डैमेज चाहते हैं...
पुलिस के मुताबिक, ईमेल में लिखा था कि तमिलनाडु के स्कूलों के पाठ्यक्रम में पैगंबर मुहम्मद के पाठों पर डीएमके का दोहरा रवैया बहुत बुरा है। हम सिर्फ वोट बैंक नहीं हैं। हम वो ताकत हैं, जो उदयनिधि का कॅरिअर बना या बिगाड़ सकते हैं। तमिलनाडु के मुसलमानों के पाॅलिटिकल मसलों को सुलझाने के लिए आपकी कोर्ट और जज का कमरा सबसे आसान टारगेट है। इस धमाके को सबक मानें और याद रखें कि आज हम सिर्फ प्राॅपर्टी और बिल्डिंग का डैमेज चाहते हैं। इसलिए प्लीज दोपहर एक बजे तक सभी जजों को निकाल लें। बम अमृतसर और कोयंबटूर में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और सीपीआई (माओ) सेल से मिले थे। उदयनिधि के बेटे इनबानिधि उदय को इस हफ्ते मदुरै दरगाह में नहीं घुसना चाहिए। हम ऐसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर वह घुसा तो मदुरै दरगाह के पास मुरुगन मंदिर में ब्लास्ट करने के लिए बचे हुए आईईडी का इस्तेमाल करेंगे।
वादकारी हुए परेशान, सुनवाई से पहले लाैटना पड़ा
दीवानी में मंगलवार सुबह 10 बजे से ही हजारों की संख्या में वादकारी, अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी और अधिकारी पहुंच गए थे। चारों गेटों पर पुलिस के साथ ही विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) के जवान चेकिंग कर रहे थे। वादकारी और अधिवक्ता न्यायालय कक्षों में सुनवाई के इंतजार में थे। दोपहर 12 बजे बम की सूचना से अफरातफरी मचने पर लोगों को बाहर निकाल दिया गया। जो लोग अपनी तारीख पर आए थे, उनको भी लाैटना पड़ा। कागाराैल से आए ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि तारीख थी। सुनवाई से पहले ही पुलिस ने सभी को बाहर निकाल दिया। अब तारीख फिर से लगने पर दोबारा आना पड़ेगा। फतेहाबाद से आए संजय भी पारिवारिक न्यायालय में आए थे। दोपहर बाद सुनवाई होनी थी। तभी सूचना के बाद न्यायालय में कामकाज बंद करा दिया गया।